Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर महिलाओं पर बड़ा दांव खेला है। हाल ही में कैबिनेट बैठक में “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत हर घर की एक महिला को 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे ताकि वह अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सके।
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नीतीश कुमार का यह फैसला अचानक नहीं है। इसके पीछे 2020 के चुनाव का वोटिंग पैटर्न बड़ा कारण माना जा रहा है। उस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से ज्यादा रही थी।
महिलाओं की ताकत बनी वोटिंग
साल 2020 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 59.7% था, जबकि पुरुषों का सिर्फ 54.6%। यानी वोट डालने में महिलाएं आगे रहीं। कुल 243 सीटों में से 167 सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया। इनमें ज्यादातर सीटें उत्तर बिहार की थीं।
यही नहीं, 11 विधानसभा क्षेत्र ऐसे थे जहां महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 70% से भी ऊपर चला गया। इनमें प्राणपुर, मोतिहारी, किशनगंज, ढाका और सिकटी जैसी सीटें शामिल थीं।
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दलों में महिलाओं की जीत
2020 के चुनाव में सबसे ज्यादा 9 महिलाएं भाजपा के टिकट पर जीती थीं। राजद की 7 और जदयू की 6 महिला उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की थी। यानी विधानसभा में एनडीए की तरफ से कुल 15 महिलाएं पहुँचीं।
महिलाओं के लिए नीतीश की योजनाएं
नीतीश सरकार पहले भी महिलाओं के लिए कई बड़े कदम उठा चुकी है।
जीविका समूह से करीब 14 करोड़ महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
लखपति दीदी योजना के तहत 5 लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।
साइकिल और पोशाक योजना ने लड़कियों की पढ़ाई में नई दिशा दी है।
सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35% आरक्षण और पंचायती राज संस्थाओं में 50% आरक्षण दिया गया है।
चुनावी रणनीति में महिला शक्ति
2020 में एनडीए ने जिन 90 सीटों पर जीत दर्ज की थी, उनमें महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक था। भाजपा को इनमें से 55 और जदयू को 37 सीटें मिली थीं। यही कारण है कि इस बार भी नीतीश सरकार चुनावी मैदान में महिला शक्ति को सबसे बड़ी ताकत मान रही है।
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