Encounter in Doda: जम्मू-कश्मीर में आतंकी लगातार सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार को डोडा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में चार जवान बुरी तरह घायल हो गए, जिन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक, हमले में सेना का एक अफसर भी शहीद हुआ है। इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर के एक आतंकी संगठन ने ली है। आतंकी संगठन ‘कश्मीर टाइगर्स’ ने बयान जारी कर कहा है कि जब सुरक्षाबलों ने ‘मुजाहिद्दीन’ की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, तब फायरिंग की गई।
आपको बता दें कि कश्मीर टाइगर्स पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का छाया समूह है। इसी आतंकी संगठन ने 9 जुलाई को कठुआ में हुए हमले की जिम्मेदारी भी ली थी। अधिकारियों का कहना है कि डोडा में राष्ट्रीय राइफल्स और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने शाम 7 बजे के बाद देसा वन क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया था। यहां आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया सूचना मिली थी।
इसके बाद जंगल में छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। 20 मिनट तक चली मुठभेड़ में एक अधिकारी समेत चार जवान बुरी तरह घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां चारों जवानों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डोडा में आतंकियों से मुठभेड़ अभी भी जारी है। बताया गया कि यहां तीन से चार आतंकी छिपे हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार रात करीब 9 बजे आतंकियों से मुठभेड़ शुरू हुई। व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवानों के घायल होने की सूचना दी। खुफिया सूचना के आधार पर जंगल में आतंकियों के खिलाफ तलाशी अभियान शुरू किया गया। जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के मद्देनजर पिछले कुछ हफ्तों से सुरक्षाबल अलर्ट पर हैं। 14 जुलाई को कुपवाड़ा में एलओसी पर आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें जवानों ने मार गिराया।
8 जुलाई को कठुआ में हुए आतंकी हमले में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। सेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में कई जवान घायल हुए थे। 6 जुलाई को कुलगाम में कई आतंकी मारे गए और दो जवान शहीद हुए थे। हाल ही में डोडा में हुई मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए थे।