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Iran -Israel: ईरान की इजरायल और अमेरिका के सहयोगियों को कड़ी चेतावनी

Iran -Israel: Iran's stern warning to Israel and America's allies

Iran -Israel: हाल ही में इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसमें इजरायल द्वारा ईरान पर जवाबी हमले की आशंका जताई जा रही है। इजरायल ने ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की कसम खाई है, जब ईरान ने उस पर 180 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इस हमले के बाद से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी संकेत दिए हैं कि ईरान के परमाणु और तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।

इस स्थिति से डरे ईरान ने अपने तेल संपन्न पड़ोसी देशों और खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी देशों, जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन और कतर को गुप्त राजनयिक चैनलों के माध्यम से कड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अगर इजरायल पर हमले के दौरान इन देशों ने किसी भी रूप में मदद की, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ये सभी देश अमेरिकी सैन्य बलों की मेजबानी करते हैं, इसलिए ईरान को डर है कि उनका हवाई क्षेत्र या सैन्य बुनियादी ढांचा इजरायल के हमले के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

ईरान के हमले से डरे अरब देश

इस चेतावनी के बाद, सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देश चिंतित हैं कि अगर वे किसी भी प्रकार से इस संघर्ष में शामिल होते हैं, तो उनकी तेल सुविधाओं को निशाना बनाया जा सकता है। इन देशों ने बाइडेन प्रशासन से भी आग्रह किया है कि इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष में उनका सैन्य बुनियादी ढांचा इस्तेमाल न हो। खाड़ी देशों को डर है कि इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी अस्थिरता आ सकती है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर बड़ा असर डाल सकती है। इसके अलावा, इन देशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों को भी ईरान के जवाबी हमले का खतरा हो सकता है।

अमेरिका की प्रतिक्रिया

वर्तमान हालात को देखते हुए अमेरिका ने ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उद्योगों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह प्रतिबंध ईरान की शिपिंग फ्लीट पर खास तौर पर लगाए गए हैं, जिन्हें “शेडो फ्लीट” कहा जाता है, जो प्रतिबंधों के बावजूद काम कर रही थी।

इस पूरे परिदृश्य में यह स्पष्ट है कि अगर इजरायल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका व्यापक असर खाड़ी देशों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है, जिससे न सिर्फ क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक बाजार भी अस्थिर हो सकते हैं।

Written By। Mansi Negi । National Desk। Delhi

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