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guava farming profit : अमरुद के इस ख़ास किस्म की खेती कर लाखों में कमा रहे किसान.. जानिए कैसे ?

नई दिल्ली: भारत में कृषि को हमेशा से घाटे का सौदा माना जाता था। मगर वक्त के साथ खेती मुनाफें में भी बदली। देश के लाखों लोग नौकरी छोड़ खेती को अपना पेशा बना रहे है। इस लेख में आप ये जानकारी प्राप्त कर सकेंगे कि अमरूद की खेती कर कैसे लाखों रुपयें कमा सकते है।

अमरूद की खेती उष्णकटि बंधीय जलवायु में की जाती है। उष्ण क्षेत्रों में तापमान और नमी पर्याप्त होने से वहां अमरूद के वृक्ष पर वर्ष भर फल आते हैं। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में इसकी बागवानी उपयुक्त नहीं है।प्रति एकड़ में अमरूद के 132 पौधे लगाए जा सकते हैं। अमरूद के नए पौधों में 10 दिन के अंतराल पर सिंचाई करते रहना चाहिए। वर्षा में पौधों में सिंचाई की आवश्यता नहीं होती, गर्मी में अमरूद में ड्रिप सिंचाई करनी चाहिए ताकि पानी की बचत के साथ-साथ फलों का आकार बढ़ सके।

Farmer switches from sugarcane to organic guavas, makes Rs 10,000/day
guava farming profit

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एक पूर्ण विकसित अमरूद के पौधे से एक फसल में पचास किलो से एक कुंतल  फल बड़ी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

अमरूद की रोपाई आमतौर पर 5X5 या 6X6 मीटर सघन विधि से प्रति हेक्टेयर 500 से 5000 तक पौधे लगाए जा सकते हैं। वहीं समय-समय पर इसकी कटाई-छंटाई करके पौधों का आकार संतुलित रखते हैं।  इस प्रकार प्रति एकड़ 30 से 50 टन अमरूद उगाए जा सकते हैं।

एक अमरूद का पेड़ प्रतिदिन 230 लीटर ऑक्सीजन छोड़ता है। जो सात लोगों की जिंदगी बचा सकती है।

अमरूद के पौधों को कैसे बचाएं-

1.ज्यादा पानी न डालें

2.समय पर पानी डालें

3.सूखी पत्तियों और टहनियों को छांटे

4.कीटनाशक का छिड़काव करें

5. पौधों की नियमित देखभाल करें

अमरूद की बागवानी से प्रतिवर्ष एक हेक्टेयर में लाखों रूपये की आमदनी की जा सकती है। हालांकि अमरूद की खेती में  2 साल तक पौधे को पालने में ही लागत आती है। इसके बाद विशेष खर्चा करना नहीं होता, केवल लाभ ही लाभ होता है।

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