Rakesh tikait bhartiya kisan union
नई दिल्ली: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और उनके छोटे भाई भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत का उस समय बड़ा झटका लगा जब उन्हें भाकियू में दो फाड़ होने का पता चला। इतना नहीं भारतीय किसान यूनियन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के तमाम बड़े नेताओं ने बैठक कर करके नया संगठन बना लिया और इसकी घोषणा भी कर दी।
भारतीय किसान यूनियन के बागी नेताओं ने नये संगठन का नाम भी भारतीय किसान यूनियन ही रखा है, केवल उसके आगे अराजनैतिक रखा है यानी भाकियू के दूसरे संगठन का नाम भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक है। इस नये संगठन का अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चौहान और महासचिव अनिल तालान को बनाया गया है, जबकि उसके संयोजक और संरक्षक राजेन्द्र सिंह मलिक हैं।
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नये संगठन में शामिल किसान नेताओं का कहना है कि टिकैत बंधुओं किसान यूनियन के नाम पर राजनीति करने में लगे थे। तीन कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली बॉडर पर एक साल से ज्यादा समय तक चले किसान आंदोलन के दौरान भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत देश विदेश में किसान नेता के रुप में हीरो बन गये थे। एक समय में वे खुद को सरकार से भी बडा समझने लगे थे, लेकिन सरकार ने बाद में उन्हें पूछा तक नहीं।
अब भारतीय किसान यूनियन में दो अलग-अलग गुट हो जाने पर राकेश टिकैत को अपनी किसान राजनीति खत्म होती नजर आ रही है। वह यूनियन में एक नया संगठन बनाये जाने को भी सरकार के दबाब में उठाया जाने वाला कदम बताकर अपने झेंप मिटाने की कोशिश कर रहे हैं।

