NEET paper leak controversy: UP students’ deaths and families demanding ₹1 crore compensation (PHOTO: AI)
NEET Paper Leak Controversy: NEET परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों बच्चे डॉक्टर बनने का सपना लेकर यह परीक्षा देते हैं। साल 2024 में NEET परीक्षा के बाद पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इसके बाद छात्रों के बीच काफी नाराजगी और चिंता देखने को मिली। कई छात्रों और उनके परिवारों ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसी बीच कुछ छात्रों की मौत की खबरें भी सामने आईं। (NEET paper leak controversy)
उत्तर प्रदेश के कुछ परिवारों का कहना है कि उनके बच्चे NEET से जुड़ी परेशानियों के कारण मानसिक रूप से बहुत तनाव में थे। परिवारों का आरोप है कि पेपर लीक की खबर, परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की वजह से बच्चों की परेशानी और बढ़ गई थी। हालांकि, किसी छात्र की मौत का कारण केवल NEET विवाद ही था, यह बात हर मामले में जांच के बाद ही तय हो सकती है। (NEET paper leak controversy)
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श्रुति ने दूसरी बार NEET दिया था, रिजल्ट के बाद बढ़ी परेशानी
20 साल की श्रुति करीब दो साल से कोटा में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही थीं। परिवार के मुताबिक, इस बार उन्होंने दूसरी बार NEET परीक्षा दी थी। उनके पिता महेंद्र पाल ने बताया कि श्रुति को भरोसा था कि उनका पेपर अच्छा हुआ है। पेपर लीक (NEET paper leak controversy) की खबर सामने आने के बाद वह घर वापस आ गई थीं। इसके बाद दोबारा परीक्षा हुई तो श्रुति ने हमीरपुर से परीक्षा दी।
परिवार के मुताबिक, परीक्षा के बाद उन्होंने बताया था कि इस बार पेपर पहले से ज्यादा कठिन था। आंसर-की से मिलान करने पर उन्हें करीब 550 नंबर आने की उम्मीद थी। लेकिन रिजल्ट आने पर नंबर उनकी उम्मीद से काफी कम रहे। इसके बाद वह बहुत परेशान रहने लगीं। परिवार ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन 18 जुलाई को उनकी मौत हो गई। श्रुति परिवार की सबसे बड़ी बेटी थीं। उनकी मां की कोरोना के दौरान मौत हो चुकी थी। पिता का कहना है कि पुलिस घर आई थी, लेकिन किसी बड़े अधिकारी ने परिवार से संपर्क नहीं किया।
चंचली का सपना था डॉक्टर बनना
चंचली दो भाइयों के बीच इकलौती बहन थीं। उनके बड़े भाई डॉक्टर हैं और चंचली भी डॉक्टर बनना चाहती थीं। उनके पिता अमरजीत किसान हैं। परिवार के मुताबिक, चंचली ने 21 जून को NEET की दोबारा परीक्षा दी थी। परीक्षा (NEET paper leak controversy) के बाद वह काफी खुश थीं। उन्होंने घरवालों से कहा था कि पेपर अच्छा हुआ है। अगले दिन भी वह घर पर थीं और अपने पिता को खाना खिलाया।
पिता के मुताबिक, वह खाना खाने के बाद खेत चले गए। कुछ समय बाद घर से चंचली के बारे में दुखद खबर मिली। परिवार का कहना है कि चंचली ने एक नोट भी छोड़ा था। इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया। पिता के लिए सबसे मुश्किल बात यह है कि उनकी बेटी डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती थी, लेकिन उसका सपना पूरा नहीं हो सका।
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जतिन परीक्षा से पहले ही दुनिया छोड़ गए
22 साल के जतिन भी कई साल से मेडिकल की तैयारी कर रहे थे। परिवार के मुताबिक, वह पढ़ाई में काफी मेहनत कर रहे थे। उनके पिता राजेश कुमार सहारनपुर में खाद्य विभाग में इंस्पेक्टर हैं, जबकि उनकी मां और छोटी बहन गाजियाबाद में रहती हैं (NEET paper leak controversy)।
परिवार का कहना है कि जतिन पर पढ़ाई को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं था। इसके बावजूद वह अंदर से काफी परेशान थे। दोबारा होने वाली NEET परीक्षा से कुछ दिन पहले 19 जून को उनकी मौत हो गई। पुलिस को उनके मोबाइल से करीब एक मिनट का वीडियो भी मिला था। इस मामले में पुलिस ने जांच की। परिवार के लिए यह समझना बेहद मुश्किल था कि पढ़ाई को लेकर मेहनत कर रहा उनका बेटा अचानक इतना परेशान कैसे हो गया।
ऋतिक, सृष्टि और शिवानी की कहानी भी दर्दनाक
21 साल के ऋतिक ने तीसरी बार NEET परीक्षा दी थी (NEET paper leak controversy)। उनके पिता अनूप मिश्रा ईंट-भट्ठा चलाते हैं और मां घर संभालती हैं। परिवार के अनुसार, परीक्षा देने के बाद ऋतिक काफी खुश थे और उन्हें इस बार चयन की उम्मीद थी। लेकिन पेपर लीक और दोबारा परीक्षा की खबरों के बाद वह परेशान हो गए। परिवार के मुताबिक, 15 मई को उनकी मौत हो गई। आजमगढ़ की 18 साल की सृष्टि भी डॉक्टर बनना चाहती थीं। वह बिहार के एक मिलिट्री स्कूल में पढ़ती थीं और परीक्षा देने के लिए घर आई थीं। उनके पिता की कोरोना के दौरान मौत हो गई थी। उनकी मां सरकारी शिक्षिका हैं।
परिवार के मुताबिक, दोबारा परीक्षा के बाद कटऑफ देखने के बाद सृष्टि काफी परेशान हो गई थीं। वहीं 17 साल की शिवानी यादव ने पहली बार NEET परीक्षा दी थी। परिवार का कहना है कि उनका पेपर अच्छा हुआ था, लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर से वह परेशान हो गई थीं। 16 जून को उनकी मौत हो गई।
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CJP ने मांगा 1 करोड़ रुपये का मुआवजा
NEET विवाद (NEET paper leak controversy) से जुड़े छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद देने की मांग अब फिर सामने आई है। CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने प्रदर्शन के दौरान मांग की कि जिन छात्रों ने इस पूरे विवाद के बाद अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। जंतर-मंतर पर लंबे समय तक प्रदर्शन भी हुआ। प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा व्यवस्था, छात्रों के भविष्य और सरकार की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए। आंदोलन के दौरान कई मांगें सरकार के सामने रखी गईं।
लेकिन जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनका कहना है कि उन्हें अभी तक मुआवजे को लेकर कोई साफ जानकारी नहीं मिली है। परिवारों का कहना है कि पैसा उनके बच्चों को वापस नहीं ला सकता, लेकिन सरकार की मदद से उन्हें यह महसूस होगा कि उनके दर्द को समझा गया है।
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अब सरकार से परिवारों को साफ जवाब का इंतजार (NEET paper leak controversy)
इन घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन परिवारों को सरकारी मदद कब मिलेगी। परिवारों का दावा है कि पुलिस के अलावा किसी बड़े अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया। दूसरी तरफ, ऐसे मामलों में यह भी जरूरी है कि हर मौत के कारण की जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से हो। केवल किसी परीक्षा या विवाद के बाद हुई घटना को सीधे उसी वजह से जोड़ना सही नहीं होगा।
लेकिन अगर जांच में यह सामने आता है कि परीक्षा से जुड़ी परेशानियों ने किसी छात्र पर गंभीर असर डाला, तो सरकार को परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। NEET जैसी परीक्षा लाखों बच्चों के भविष्य से जुड़ी होती है। इसलिए परीक्षा में पारदर्शिता, सही व्यवस्था और समय पर जानकारी बहुत जरूरी है।
साथ ही बच्चों को मानसिक दबाव से बचाने के लिए परिवार, स्कूल, कोचिंग संस्थान और सरकार को मिलकर काम करना होगा। इन परिवारों की सबसे बड़ी मांग अब यही है कि सरकार उनकी बात सुने और मुआवजे को लेकर अपना रुख साफ करे। (NEET paper leak controversy)

