Tukaram Mundhe leading Maharashtra Food Safety Crackdown inspections at restaurants(pc-instagram)
Maharashtra Food Safety Crackdown महाराष्ट्र में इन दिनों तेजी से चर्चा में है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA की लगातार हो रही जांच, लाइसेंस निलंबन और खाद्य पदार्थों की जब्ती ने होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी, क्लब, कैंटीन और अन्य खाद्य कारोबारों को सतर्क कर दिया है। कई प्रतिष्ठानों में अब अचानक होने वाली जांच के डर से किचन की सफाई, पेस्ट कंट्रोल और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन पर पहले की तुलना में ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
इस अभियान की कमान महाराष्ट्र FDA कमिश्नर और 2005 बैच के IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे के हाथों में है। सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए पहचाने जाने वाले मुंढे के नेतृत्व में विभाग ने राज्यभर में निरीक्षण अभियान तेज किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अभियान के तहत अब तक 1,100 से ज्यादा निरीक्षण किए जा चुके हैं। ताजा संचयी आंकड़ा 1,131 निरीक्षणों का है, जबकि करीब 49.57 करोड़ रुपये मूल्य के खाद्य उत्पाद जब्त किए गए हैं और 56 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
12 होटल और रेस्टोरेंट पर फिर कार्रवाई
Maharashtra Food Safety Crackdown के तहत 11 अगस्त तक कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा। रिपोर्टों के मुताबिक पुणे और सांगली में जांच के बाद 12 होटल और रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित किए गए। अधिकारियों का फोकस खासतौर पर ऐसे प्रतिष्ठानों पर है जहां स्वच्छता, खाद्य भंडारण, कीट नियंत्रण, लाइसेंस और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों में कथित कमियां मिली हैं।
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त्योहारी सीजन से पहले इस अभियान को और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान खाद्य कारोबार बढ़ने के कारण प्रशासन की कोशिश है कि बाजार में खराब या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की पहुंच को रोका जा सके।
मुंबई में रेस्टोरेंट से लेकर वेयरहाउस तक जांच
मुंबई Maharashtra Food Safety Crackdown का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 4 से 6 अगस्त के बीच FDA अधिकारियों ने तीन दिनों में 31 छापे मारे और 63 होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का निरीक्षण किया।
इस कार्रवाई के दौरान 38 सुधार नोटिस जारी किए गए और सात लाइसेंस निलंबित किए गए। अधिकारियों ने 19 FIR दर्ज करने और 22 लोगों की गिरफ्तारी की भी जानकारी दी। प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला करीब 20.29 लाख रुपये का जब्त किया गया। इसके अलावा लगभग 2.63 करोड़ रुपये मूल्य के अन्य खाद्य उत्पाद भी जब्त किए गए।
जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, उनमें दादर का Eat Nino, अंधेरी का Jai Maa Kali Dhaba, सांताक्रूज स्थित House of Maharashtra और कुर्ला का South India Dosa Corner शामिल बताए गए हैं। जांच में कथित तौर पर कॉकरोच की मौजूदगी, खराब कचरा प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता की कमी, गलत तरीके से खाद्य पदार्थ रखने और जंग लगे उपकरण जैसी समस्याएं सामने आईं।
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Blinkit की फैसिलिटी पर भी कार्रवाई
Maharashtra Food Safety Crackdown अब केवल रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं है। FDA ने खाद्य पदार्थों की स्टोरेज और डिलीवरी से जुड़े कारोबारों को भी जांच के दायरे में लिया है।
मलाड वेस्ट स्थित Blinkit Commerce की एक सुविधा का 7 अगस्त को निरीक्षण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, वहां कॉकरोच की समस्या, फर्श पर सीधे रखे खाद्य पदार्थ, जंग लगे रैक और खराब तरीके से रखे गए कोल्ड-स्टोरेज एरिया जैसी कमियां मिलीं। कुछ पैकेजिंग भी एक्सपायर्ड, क्षतिग्रस्त या संदिग्ध स्थिति में बताई गई। इसके बाद संबंधित फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया गया और अगले आदेश तक खाद्य कारोबार बंद रखने का निर्देश दिया गया।
IIT Bombay की मेस भी जांच के घेरे में
FDA की कार्रवाई संस्थानों तक भी पहुंची। IIT Bombay की दो मेस सुविधाओं को कथित तौर पर जरूरी फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के बिना संचालन करने के कारण बंद करने का आदेश दिया गया। एक अन्य कैटरिंग सुविधा को सुधार नोटिस जारी किया गया।
इस कार्रवाई से यह संकेत गया कि खाद्य सुरक्षा के नियम केवल निजी रेस्टोरेंट या छोटे कारोबारों पर ही लागू नहीं होते, बल्कि संस्थागत खाद्य सुविधाओं पर भी समान रूप से लागू किए जा सकते हैं।
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Bombay High Court की कैंटीन में भी निरीक्षण
मुंबई हाई कोर्ट परिसर में संचालित कैंटीन भी FDA की जांच से अछूती नहीं रही। अधिकारियों ने तीन कैंटीन का निरीक्षण किया। इनमें से दो के पास आवश्यक FSSAI लाइसेंस नहीं होने की बात सामने आई, जिसके बाद उन्हें संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया। एक लाइसेंस प्राप्त कैंटीन को सुधार नोटिस दिया गया।
हालांकि, इस सख्त कार्रवाई को लेकर न्यायिक स्तर पर भी सवाल उठे हैं। Bombay High Court ने कुछ मामलों में तत्काल लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई पर विचार करते हुए अधिकारियों से कानूनी प्रक्रिया और कार्रवाई की समानुपातिकता सुनिश्चित करने को कहा है।
‘Mundhe Effect’ से बदल रहे किचन
इस पूरे अभियान का असर अब रेस्टोरेंट की रसोई में दिखाई देने लगा है। कई कारोबारों ने किचन की गहरी सफाई, पेस्ट कंट्रोल, ग्रीस हटाने और खाद्य पदार्थों को व्यवस्थित तरीके से रखने पर जोर देना शुरू किया है।
रेस्टोरेंट और क्लब संचालक अचानक होने वाली FDA जांच से बचने के लिए नियमित सफाई और रिकॉर्ड तैयार रखने पर ध्यान दे रहे हैं। इसी बदलाव को कई लोग ‘Mundhe Effect’ कह रहे हैं, यानी बिना किसी पूर्व सूचना के जांच होने की संभावना ने कारोबारियों को खुद ही खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर अधिक सतर्क कर दिया है।
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अखबार की जगह फूड-ग्रेड पैकिंग
ग्राहकों को भी इस बदलाव का असर दिखाई दे रहा है। कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों में खाना पैक करने या परोसने के लिए अखबार जैसी सामग्री की जगह फूड-ग्रेड विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ा है। कुछ जगहों पर खाद्य पदार्थों की प्रस्तुति और रंगों के इस्तेमाल में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
तेल, डेयरी और पानी तक कार्रवाई
Maharashtra Food Safety Crackdown का दायरा खाद्य सप्लाई चेन के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच चुका है। बीड में FDA ने 6 से 9 अगस्त के बीच 1.19 लाख किलोग्राम से अधिक खाद्य तेल जब्त किए जाने की जानकारी दी। अधिकारियों ने लेबलिंग, पैकेजिंग और स्वच्छता से जुड़ी कथित कमियों का हवाला दिया।
डेयरी उत्पादों, खासकर पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की भी जांच बढ़ाई गई है। महाराष्ट्र में एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध भी लगाया गया है।
जलगांव में 87,000 लीटर से अधिक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर जब्त किए जाने की रिपोर्ट है। नागपुर में करीब 9,827 किलोग्राम रस्क भी कथित लेबलिंग उल्लंघन को लेकर जब्त किया गया।
गुटखा और पान मसाला पर भी शिकंजा
FDA ने प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ भी अभियान तेज किया है। 4 से 6 अगस्त की कार्रवाई में 19 FIR और 22 गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई। करीब 20 लाख रुपये से अधिक मूल्य के प्रतिबंधित उत्पाद जब्त किए गए। छह परिसरों को सील करने और करीब 13.15 लाख रुपये मूल्य के चार वाहनों को जब्त करने की भी जानकारी दी गई। यह अभियान मुंबई के अलावा कोंकण, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर समेत कई क्षेत्रों में चलाया गया।
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शिरडी में प्रसाद की भी जांच
खाद्य सुरक्षा अभियान धार्मिक स्थलों तक भी पहुंचा है। शिरडी में FDA अधिकारियों ने करीब 700 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी या मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले पेड़े को जब्त कर नष्ट किया। जांच के बाद प्रसाद बेचने वाले प्रतिष्ठानों और सप्लाई यूनिट्स का भी निरीक्षण किया गया।
कौन हैं तुकाराम मुंढे?
तुकाराम मुंढे 2005 बैच के महाराष्ट्र कैडर के IAS अधिकारी हैं। अपने सख्त प्रशासनिक रवैये और कार्रवाई के लिए वे पहले भी चर्चा में रहे हैं। करीब दो दशक के करियर में उनके कई तबादले हुए हैं।
FDA कमिश्नर के तौर पर उनकी कार्यशैली में अचानक निरीक्षण और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई प्रमुख दिखाई देती है। 10 अगस्त को पुणे में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्हें कथित तौर पर लोगों की ओर से स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला।
कार्रवाई के साथ कानूनी संतुलन भी जरूरी
Maharashtra Food Safety Crackdown ने खाद्य कारोबारियों के बीच जहां सतर्कता बढ़ाई है, वहीं FDA की कार्रवाई कानूनी जांच के दायरे में भी आई है। कुछ मामलों में अदालतों ने लाइसेंस निलंबन पर रोक लगाई या कार्रवाई में प्रक्रियात्मक पहलुओं पर सवाल उठाए।
ऐसे में आने वाले दिनों में FDA के सामने दोहरी चुनौती होगी, खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराना और यह सुनिश्चित करना कि हर कार्रवाई पारदर्शी, अनुपातिक और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप हो। फिलहाल इतना साफ है कि तुकाराम मुंढे की अगुवाई में चल रहा अभियान महाराष्ट्र के खाद्य कारोबार में स्वच्छता और अनुपालन को लेकर नई चर्चा जरूर पैदा कर चुका है।

