Nainital Rain: Heavy Nainital Rain causes waterlogging and blocks rural roads in Uttarakhand
Nainital Rain ने एक बार फिर नैनीताल जिले में जनजीवन की रफ्तार प्रभावित कर दी है। हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। निचले क्षेत्रों में सड़कों और रास्तों पर पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन कक्ष के माध्यम से बारिश और उससे पैदा होने वाली परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नैनीताल में 47 MM बारिश, जिले में औसत 13 MM
जिले में हुई बारिश के आंकड़ों के मुताबिक नैनीताल में सबसे ज्यादा 47.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा हल्द्वानी में 23.0 MM, कालाढूंगी में 22.0 MM और चोरगलिया में 15.5 MM बारिश रिकॉर्ड हुई।
कैंची धाम में 10.0 MM, खन्स्यू में 6.0 MM, रामनगर में 3.2 MM और बेतालघाट में 2.5 MM बारिश दर्ज की गई। मुक्तेश्वर में 0.3 MM बारिश रिकॉर्ड हुई। पूरे नैनीताल जिले की औसत वर्षा 13.0 मिलीमीटर दर्ज की गई है।
इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश का असर जिले के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग स्तर पर रहा। मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क बाधित होने और भूस्खलन का खतरा ज्यादा बना हुआ है।
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हल्द्वानी में जलभराव से बढ़ी परेशानी
Nainital Rain का असर हल्द्वानी शहर और आसपास के इलाकों में भी देखने को मिला। लगातार बारिश के कारण कई निचले क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। सड़कों पर जलभराव के चलते पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का प्रभाव केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। ग्रामीण इलाकों में भी संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के कारण प्रशासन को सड़क बंद होने और भूस्खलन जैसी घटनाओं को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अनुसार, आपदा प्रबंधन कक्ष के माध्यम से जिले में मानसून की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी सड़क बाधित होने या भूस्खलन की सूचना मिले, वहां सरकारी मशीनरी को तत्काल सक्रिय किया जाए।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर जेसीबी और अन्य मशीनरी की सहायता से बाधित मार्गों को खोलने की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित विभागों को आपात स्थिति में आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नैनीताल में 5 ग्रामीण मार्ग बाधित
लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर जिले के ग्रामीण संपर्क मार्गों पर पड़ा है। वर्तमान में नैनीताल जिले में पांच ग्रामीण मार्ग बाधित बताए गए हैं। इनमें डोबा–गोनियारो मोटर मार्ग, झड़गांव–चक्सानडुला मोटर मार्ग, सलियाकोट–अनर्पा मोटर मार्ग, कूल मोटर मार्ग और महतोली गांव–मज्यूली मोटर मार्ग शामिल हैं।
प्रशासन की ओर से इन सभी मार्गों को 17 अगस्त 2026 को खोलने की संभावित तिथि निर्धारित की गई है। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की स्थिति और सड़क की वास्तविक हालत के आधार पर मार्ग खोलने में समय आगे-पीछे हो सकता है।
ग्रामीण मार्गों के बाधित होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। कई गांवों के लोगों को दैनिक जरूरतों, बाजार, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने के लिए इन्हीं संपर्क मार्गों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन के सामने जल्द से जल्द रास्ते बहाल करने की चुनौती है।
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गौला और कोसी बैराज से छोड़ा गया पानी
बारिश के बीच जिले के प्रमुख बैराजों से भी पानी नदी में छोड़ा गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गौला बैराज से 1,479 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। वहीं कोसी बैराज से 3,643 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।
नंधौर नदी से 540.10 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों में इन नदियों और बैराजों के चेतावनी तथा खतरे के डिस्चार्ज स्तर इससे काफी अधिक बताए गए हैं।
गौला बैराज का चेतावनी डिस्चार्ज 27,576 क्यूसेक और खतरे का डिस्चार्ज 41,364 क्यूसेक बताया गया है। कोसी बैराज के लिए चेतावनी स्तर 51,786 क्यूसेक और खतरे का स्तर 76,998 क्यूसेक है। नंधौर नदी का चेतावनी डिस्चार्ज 10,000 क्यूसेक और खतरे का डिस्चार्ज 35,075 क्यूसेक बताया गया है।
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लोगों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार Nainital Rain को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। खासकर जलभराव वाले रास्तों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर सफर करना भी जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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आने वाले घंटों में भी निगरानी जारी
नैनीताल जिले में मानसूनी बारिश के चलते फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय है। पांच ग्रामीण मार्गों को खोलने के लिए कार्रवाई जारी है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
Nainital Rain के कारण सामने आई परिस्थितियों ने एक बार फिर पहाड़ी जिलों में मजबूत सड़क और आपदा प्रबंधन व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बाधित मार्गों को जल्द बहाल करना, जलभराव और भूस्खलन की स्थिति पर नजर रखना तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना है।

