ITBP Jawan Pradeep Kumar receives final farewell in Chamoli Uttarakhand
ITBP Jawan Pradeep Kumar: उत्तराखंड के चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में उस वक्त माहौल गमगीन हो गया, जब आईटीबीपी जवान प्रदीप कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। ITBP Jawan Pradeep Kumar की मौत पठानकोट में हुए ट्रेन हादसे में हुई थी। वह अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पूरी करने के बाद वापस अपने घर लौट रहे थे। जवान के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर नारायणबगड़ स्थित पैतृक घाट लाया गया, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
जवान की असमय मौत की खबर सामने आने के बाद से ही डूंगरी कड़ाकोट और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। परिवार के लिए यह दुख और भी गहरा है, क्योंकि जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार था, उसका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर वापस आया।
अमरनाथ ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे प्रदीप कुमार
ITBP Jawan Pradeep Kumar भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 23वीं बटालियन में तैनात थे। उनकी पोस्टिंग सीमा द्वार, देहरादून में बताई गई है। प्रदीप कुमार अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे।
ड्यूटी पूरी होने के बाद वह घर लौट रहे थे। इसी दौरान पठानकोट रेलवे स्टेशन के पास हुए ट्रेन हादसे में उनकी जान चली गई। हादसे की सूचना जब उनके परिवार और गांव तक पहुंची तो हर तरफ मातम छा गया।
35 वर्षीय प्रदीप कुमार डूंगरी कड़ाकोट गांव के रहने वाले थे और पातीराम के पुत्र थे। जवान के निधन की खबर ने पूरे नारायणबगड़ क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचा गांव
रविवार को ITBP Jawan Pradeep Kumar का पार्थिव शरीर उनके पैतृक क्षेत्र नारायणबगड़ स्थित घाट पर पहुंचा। तिरंगे में लिपटे अपने लाल को अंतिम बार देखकर परिजनों का धैर्य टूट गया।
परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। मां-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। जवान को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घाट पर पहुंचे। जिस बेटे को लोगों ने वर्दी में देश की सेवा करते देखा था, उसी जवान को अंतिम विदाई देते समय ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।
23वीं बटालियन ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
अंतिम संस्कार के दौरान ITBP Jawan Pradeep Kumar को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 23वीं बटालियन आईटीबीपी के कमांडेंट रिंकू सिंह के नेतृत्व में जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
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आईटीबीपी जवानों ने अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों के लिए यह पल बेहद भावुक था। एक ओर परिवार अपने सदस्य को खोने के गम में डूबा था, वहीं दूसरी ओर साथी जवान अपने सहयोगी को अंतिम विदाई दे रहे थे।
पुलिस और प्रशासन ने भी दी श्रद्धांजलि
प्रदीप कुमार की अंतिम यात्रा में स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रदीप कुमार ने देश की सेवा करते हुए अपना जीवन समर्पित किया। उनका इस तरह असमय चले जाना पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है।
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डूंगरी कड़ाकोट से नारायणबगड़ तक शोक
ITBP Jawan Pradeep Kumar के निधन से उनके पैतृक गांव डूंगरी कड़ाकोट समेत पूरे नारायणबगड़ क्षेत्र में शोक का माहौल है। जैसे-जैसे जवान की अंतिम विदाई की खबर लोगों तक पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रदीप कुमार के निधन ने पूरे क्षेत्र को दुखी कर दिया है। परिवार के साथ खड़े रहने के लिए ग्रामीण बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
जनप्रतिनिधियों ने जताया गहरा दुख
प्रदीप कुमार के निधन पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने भी शोक व्यक्त किया। विधायक भूपाल राम टम्टा, ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला समेत यशपाल सिंह नेगी, नरेंद्र रावत, वीर भरत सिंह, जय नंद सती और दलीप नेगी ने जवान के निधन पर संवेदना जताई।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि देश की सेवा में समर्पित जवान का इस तरह असमय निधन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने की शक्ति मिलने की कामना की।
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परिवार के लिए कभी न भरने वाला दुख
ITBP Jawan Pradeep Kumar की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के लिए यह सिर्फ एक सदस्य को खोने का दुख नहीं, बल्कि उस बेटे को खोने का दर्द है जिसने देश की सेवा को अपना कर्तव्य बनाया था।
अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पूरी करने के बाद घर लौटते समय हुई दुर्घटना ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। परिजन जिस बेटे के सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे, उसका पार्थिव शरीर घर पहुंचा।
देश सेवा को क्षेत्र ने किया नमन
प्रदीप कुमार का अंतिम संस्कार केवल एक परिवार की विदाई नहीं थी, बल्कि पूरे क्षेत्र की ओर से देश के लिए उनकी सेवा को नमन भी था। तिरंगे में लिपटे जवान को जब अंतिम सलामी दी गई तो वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा।
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ग्रामीणों ने कहा कि देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में ड्यूटी करने वाले जवानों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। प्रदीप कुमार ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए देश सेवा को प्राथमिकता दी।
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
नारायणबगड़ के पैतृक घाट पर ITBP Jawan Pradeep Kumar को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। परिवार के विलाप और ग्रामीणों की नम आंखों के बीच जवान पंचतत्व में विलीन हो गए।
उनके निधन से क्षेत्र ने अपना एक बेटा खो दिया है। परिवार और ग्रामीणों ने जिस सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी, वह उनके प्रति लोगों के सम्मान और देश सेवा के लिए उनके समर्पण को दर्शाता है। प्रदीप कुमार की असमय मौत ने पूरे नारायणबगड़ क्षेत्र को गहरे शोक में डाल दिया है।

