Dehradun ABVP Rally: देहरादून एबीवीपी शोभायात्रा में, मोदी अंदाज में दिखे सीएम धामी

Dehradun ABVP Rally: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का तीन दिवसीय 71वां राष्ट्रीय अधिवेशन देहरादून में पूरे उत्साह और grandeur के साथ संपन्न हो रहा है। अधिवेशन के दूसरे दिन राजधानी की सड़कों ने एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रंगत धारण की। साढ़े चार किलोमीटर लंबी शोभायात्रा में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष अंदाज़— गमछा लहराते हुए स्वागत—चर्चा का केंद्र बना रहा।
चार किलोमीटर लंबी शोभायात्रा ने खींचा सभी का ध्यान
दूसरे दिन परेड ग्राउंड से दर्शनलाल चौक तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा एबीवीपी की शक्ति, एकता और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उदाहरण रही। लगभग 1500 से अधिक प्रतिनिधियों ने देश के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति, भाषा, पहनावे और परंपराओं को प्रदर्शित किया।
शोभायात्रा रूट—परेड ग्राउंड, सर्वे चौक, भेल चौक, एश्लेहाल चौक, घंटाघर और अंत में दर्शनलाल चौक—पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे जिन्होंने प्रतिनिधियों का तालियों और जयघोष से स्वागत किया।
शोभायात्रा के दौरान सड़कों पर ‘भारत माता की जय’ और ‘कश्मीर से कन्याकुमारी—भारत माता एक हमारी’ जैसे गगनभेदी नारे गूंजते रहे, जिसने शहर के माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
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सीएम धामी की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह, पीएम मोदी जैसा अंदाज़ छाया
गांधी पार्क के समीप जब शोभायात्रा आगे बढ़ रही थी, तभी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं ABVP प्रतिनिधियों का स्वागत करने पहुंचे। उन्होंने खूब फूल बरसाए और युवाओं का अभिवादन किया।
खास बात यह रही कि सीएम धामी इस दौरान गमछा लहराते हुए नजर आए, ठीक उसी तरह जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक गमछा लहराकर जनता का अभिवादन करते हैं। धामी का यह अंदाज युवाओं में बेहद लोकप्रिय रहा और शोभायात्रा का आकर्षण बढ़ा गया।
शिक्षा पर केंद्रित सत्रों में गंभीर विमर्श
अधिवेशन के दूसरे दिन की शुरुआत एक प्रमुख सत्र से हुई जिसका विषय था—‘शिक्षा की भारतीय संकल्पना: वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं हमारी भूमिका’
इस सत्र में एबीवीपी के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय शिक्षा की जड़ों, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विस्तारपूर्वक अपनी बात रखी।
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इसके बाद पाँच समानांतर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें युवाओं से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई—
1. वैश्विक Gen-Z आंदोलन और भारतीय युवा
आज के डिजिटल युग में भारतीय युवाओं की सोच और अवसरों पर विमर्श किया गया।
2. AI, ChatGPT एवं शिक्षा पर प्रभाव
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव और शिक्षा जगत में इसके उपयोग व चुनौतियों पर विचार रखा गया।
3. बांग्लादेशी घुसपैठ और SIR समसामयिक
देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, खासकर उत्तर-पूर्वी सीमाओं को लेकर।
4. जनसंख्या असंतुलन और विकसित भारत का लक्ष्य
जनसांख्यिकी और विकास के संबंधों पर व्यापक वार्ता की गई।
5. ऑपरेशन सिंदूर और बदलता सुरक्षा परिदृश्य
नए दौर में देश की सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों का विश्लेषण किया गया।
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देश की विविधता का भव्य प्रदर्शन
शोभायात्रा में भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रभावशाली मिलन दिखा। अलग-अलग राज्यों से आए विद्यार्थियों ने—
- पारंपरिक पोशाक
- क्षेत्रीय संगीत
- लोकनृत्य
- कलात्मक झाँकियाँ
के माध्यम से ‘एक भारत—श्रेष्ठ भारत’ की थीम को बखूबी प्रदर्शित किया।
विद्यार्थियों ने भौगोलिक विविधताओं पर आधारित झांकियों से यह संदेश दिया कि भाषा, पहनावा और संस्कृति भले ही अलग हों, पर देश की आत्मा एक है।
दर्शनलाल चौक पर हुआ खुला अधिवेशन
शोभायात्रा के बाद दर्शनलाल चौक पर खुला अधिवेशन आयोजित किया गया जिसमें राष्ट्रीय स्तर के कई छात्र नेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने किया।
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यहां छात्र नेताओं ने देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे—
- बांग्लादेशी घुसपैठ
- शिक्षा और छात्रवृत्ति
- समाज सुधार
- युवाओं की भूमिका
- सुरक्षा और ऑपरेशन सिंदूर
कई वक्ताओं ने विद्यार्थियों को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी करने का संदेश दिया।
देहरादून ने देखा एकता और ऊर्जा का संगम
देहरादून की सड़कें इस आयोजन के दौरान देश की विविधता, युवा शक्ति और सांस्कृतिक गौरव की मिसाल बनी रहीं। शोभायात्रा के दौरान युवा उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति का जो दृश्य देखने को मिला, वह देहरादूनवासियों के लिए भी एक यादगार अनुभव रहा।

