Ambala Protest on NH-44 as police use tear gas during clash with Sikh protesters(pc- team)
Ambala Protest: हरियाणा के अंबाला में गुरसिमरन सिंह मंड से जुड़े विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में हुई घटना के बाद सिख युवाओं की गिरफ्तारी के विरोध में सिख समाज ने प्रदर्शन किया। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया। हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
इस Ambala Protest के दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प में कई लोग घायल हुए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अंबाला के DSP वीरेंद्र का अंगूठा कट गया, जबकि 7-8 पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ को ICU में भर्ती कराया गया है।
गुरुद्वारे में बैठक के बाद हाईवे की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
गुरसिमरन सिंह मंड के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए सिख युवाओं की रिहाई की मांग को लेकर गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में सिख समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक में घटना को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
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बैठक के बाद बड़ी संख्या में लोग दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे-44 की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य हाईवे पर विरोध दर्ज कराना था। पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और टकराव शुरू हो गया।
पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और उन्होंने NH-44 को दोनों तरफ से जाम कर दिया।
हाईवे बंद होने के कारण दिल्ली और अमृतसर की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क पर बड़ी संख्या में वाहन फंस गए और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य करने और यातायात बहाल कराने के प्रयास किए गए।
Ambala Protest के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प ने स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया।
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झड़प में DSP का अंगूठा कटा, कई पुलिसकर्मी घायल
हाईवे खाली कराने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर से टकराव हुआ। इसी दौरान DSP वीरेंद्र घायल हो गए। बताया गया कि उनका अंगूठा कट गया। इसके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं।
गंभीर रूप से घायल 7-8 पुलिसकर्मियों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें ICU में भर्ती किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।
प्रदर्शनकारियों की दो प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे सिख समाज की मुख्य मांगें गुरसिमरन सिंह मंड से जुड़े मामले में गिरफ्तार युवाओं की रिहाई और मंड के खिलाफ FIR दर्ज करने को लेकर हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पूरे मामले में उनके समुदाय के युवाओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक हाईवे से धरना हटाने को लेकर सहमति बनना मुश्किल है। प्रशासन की ओर से स्थिति को बातचीत के जरिए नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
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7 अगस्त को क्या हुआ था?
यह पूरा विवाद 7 अगस्त को शुरू हुआ था, जब इंटरनेशनल एंटी खालिस्तान टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब पहुंचे थे। वहां किसी बात को लेकर विवाद पैदा हो गया था।
आरोप है कि मंड की गाड़ी से संगत को टक्कर लगी, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद भीड़ और कुछ निहंगों द्वारा मंड के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने की बात सामने आई। उनकी इनोवा गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मंड को भीड़ से बचाया था। इस घटना में मंड सहित चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
मंड ने लगाए थे गंभीर आरोप
घटना के बाद गुरसिमरन सिंह मंड ने आरोप लगाया था कि भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और तलवार, लाठी तथा ईंटों से हमला किया। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए।
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मंड के अनुसार, उन्हें और उनके बेटे को बचाने पहुंचे हरियाणा पुलिस के कुछ जवानों के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने उन पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने का दबाव बनाया और इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई। हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों और दावों की पुष्टि जांच के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी।
प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती
अंबाला में Ambala Protest के दौरान हाईवे जाम और पुलिस के साथ टकराव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर तनाव बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित होने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और हाईवे पर यातायात को सामान्य करना है। पूरे मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होने की उम्मीद है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।

