Armed Forces Flag Day: सशस्त्र सेना झण्डा दिवस: मुख्य सचिव को लगाया गया प्रतीक चिन्ह, वीर सैनिकों के बलिदान को किया गया नमन
Armed Forces Flag Day: सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को झंडा प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया और सैनिक कल्याण योजनाओं की स्मारिका का विमोचन हुआ। मुख्य सचिव ने सैनिकों की वीरता को सलाम करते हुए झंडा दिवस को कृतज्ञता और सहयोग का प्रतीक बताया। उन्होंने सभी से सैनिक परिवारों के कल्याण में योगदान की अपील की।
Armed Forces Flag Day: लखनऊ, 7 दिसंबर 2024: सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर आज उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार सिंह को प्रतीक चिन्ह झण्डा लगाया गया और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। यह सम्मान प्रमुख सचिव समाज कल्याण डॉ. हरि ओम ने दिया। इस मौके पर राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर अतुल कुमार एसएम (सेवानिवृत्त) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सैनिकों की वीरता और बलिदान को नमन
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने देश की सीमाओं की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा, “हमारे सैनिक न केवल हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रहरी हैं, बल्कि उनके बलिदान और साहस से हमारी राष्ट्रीय शक्ति और गर्व का आधार भी मजबूत होता है।”
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि झण्डा दिवस केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह भारतीय सैनिकों की वीरता और साहस को स्मरण करने और उनके कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने का एक विशेष अवसर है।
कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर
इस अवसर पर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव समाज कल्याण ने उत्तर प्रदेश राज्य सैनिक बोर्ड द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया। इस स्मारिका में प्रदेश के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई है। यह योजनाएं राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और उनके परिवारों के पुनर्वास और कल्याण के लिए संचालित की जा रही हैं।
स्मारिका में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और वित्तीय सहायता जैसी विभिन्न योजनाओं का विवरण दिया गया है, जो पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों को सहायता प्रदान करती हैं। मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि “उत्तर प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों और दिवंगत सैनिकों के परिजनों के कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।”
सहयोग राशि प्रदान की गई
समारोह के दौरान मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों ने सैनिक कल्याण के लिए सहयोग राशि प्रदान की। यह राशि उन कार्यक्रमों में उपयोग की जाएगी, जिनका उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
झंडा दिवस का महत्व
सशस्त्र सेना झंडा दिवस हर साल 7 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को सम्मानित करना और उनके कल्याण के लिए समाज का योगदान जुटाना है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सैनिकों और उनके परिवारों के लिए धनराशि एकत्र की जाती है, ताकि उनकी सेवाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जा सके।
अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर अतुल कुमार एसएम (सेवानिवृत्त) ने भी झण्डा दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य केवल सैनिकों के बलिदान को याद करना नहीं, बल्कि उनके कल्याण के लिए ठोस कदम उठाना है।
इस अवसर पर अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बोर्ड के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने विचार साझा किए और सैनिक कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
समाज के सहयोग की अपील
कार्यक्रम के अंत में मुख्य सचिव ने नागरिकों से अपील की कि वे सैनिकों के कल्याण के लिए आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से सहयोग करें। उन्होंने कहा, “हमारा प्रत्येक योगदान हमारे सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास है, जिनकी वीरता और त्याग के कारण आज हम सुरक्षित जीवन जी रहे हैं।”
इस प्रकार, झंडा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की, बल्कि समाज के हर वर्ग को उनकी सहायता और कल्याण के लिए आगे आने का संदेश भी दिया।