Child Begging Awareness Campaign: Officials conduct a child begging awareness campaign in Bijnor, urging the public to report children in distress and support child protection efforts.
Child Begging Awareness Campaign: बिजनौर जिले में बाल भिक्षावृत्ति को रोकने और बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
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बाल भिक्षावृत्ति को बताया गया गंभीर अपराध
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से भिक्षावृत्ति (Child Begging Awareness Campaign) कराना या उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर करना किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015, भारतीय न्याय संहिता और अन्य संबंधित कानूनों के तहत गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशन में चल रहा अभियान
यह विशेष अभियान (Child Begging Awareness Campaign) जिला प्रोबेशन अधिकारी विमल कुमार चौबे के निर्देशन में चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बिजनौर को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। इसके लिए जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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चौराहों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर हो रहा सर्वे
अभियान (Child Begging Awareness Campaign) के दौरान जिले के प्रमुख ट्रैफिक चौराहों, बाजारों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सर्वे किया जा रहा है। जहां भी कोई बच्चा भिक्षावृत्ति करता हुआ मिलता है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
बच्चों का होगा रेस्क्यू और पुनर्वास
भिक्षावृत्ति (Child Begging Awareness Campaign) में शामिल पाए जाने वाले बच्चों का तुरंत रेस्क्यू किया जाएगा। इसके बाद उनकी स्वास्थ्य जांच, काउंसलिंग और आवश्यक देखभाल की जाएगी। बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार शिक्षा, छात्रावास, सरकारी योजनाओं और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
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दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों का शोषण कर उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर करने वाले लोगों या किसी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में पुलिस के सहयोग से एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।(Child Begging Awareness Campaign)
अभियान में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस विशेष जनजागरूकता अभियान में एएचटीयू (AHTU) प्रभारी लखपत सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी रूबी गुप्ता, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक हिमांशु पाराशर, काउंसलर डैनी सिंह, सुपरवाइजर जय कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने लोगों को बाल भिक्षावृत्ति (Child Begging Awareness Campaign) के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी और बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूक किया।
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आम लोगों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई बच्चा भीख मांगता हुआ या किसी संकट की स्थिति में दिखाई दे, तो उसकी जानकारी तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें। समय पर दी गई सूचना किसी बच्चे का जीवन बदल सकती है और उसे सुरक्षित भविष्य मिल सकता है। (Child Begging Awareness Campaign)
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है जनसहयोग
अधिकारियों का कहना है कि केवल सरकारी प्रयासों से ही बाल भिक्षावृत्ति पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकती। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। यदि सभी लोग जागरूक होकर ऐसे बच्चों की सूचना संबंधित विभाग को देंगे, तो बिजनौर को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त (Child Begging Awareness Campaign) बनाने का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकेगा।

