Violence created chaos in Nepal, CM Dhami took charge of the security of the borders

Border Security: पड़ोसी मुल्क नेपाल में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर पाबंदी के खिलाफ भड़के इन प्रदर्शनों ने इतना उग्र रूप ले लिया कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि संसद भवन से लेकर मंत्रियों के घरों तक पर हमला हुआ। पुलिस फायरिंग में कम से कम 19 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। इस अस्थिर माहौल का असर अब भारत-नेपाल सीमा वाले राज्यों में भी देखा जा रहा है, खासकर उत्तराखंड में, जहां सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है।
नेपाल से जुड़ी उत्तराखंड की सीमाएं
उत्तराखंड का नेपाल से गहरा भौगोलिक और सांस्कृतिक संबंध है। राज्य के पिथौरागढ़, चंपावत और उधमसिंह नगर जिले नेपाल से लगते हैं। यहां की सीमाओं से दोनों देशों के नागरिक व्यापार, रोजगार और पारिवारिक रिश्तों के चलते आवाजाही करते रहते हैं। उत्तराखंड और नेपाल के बीच “रोटी-बेटी” का रिश्ता माना जाता है। शादी-ब्याह से लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं भी काफी हद तक समान हैं। यही वजह है कि नेपाल में बिगड़े हालात का सीधा असर उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों पर पड़ सकता है।
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बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
नेपाल में फैली हिंसा के बाद उत्तराखंड सरकार ने सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता करने का फैसला लिया है। पिथौरागढ़ पुलिस और एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के जवान काली नदी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त कर रहे हैं। बॉर्डर चेकपोस्ट पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय से साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों संग की बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उच्चाधिकारियों, सीमा सुरक्षा बल और पुलिस प्रशासन के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पिथौरागढ़, चंपावत और उधमसिंह नगर के जिलाधिकारियों और एसएसबी अधिकारियों को जोड़ा गया। बैठक में सीमावर्ती इलाकों की स्थिति का जायजा लिया गया और सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमाओं से लगे इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए और किसी भी असामाजिक तत्व या उत्पाती व्यक्ति की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलने से पहले ही रोकी जा सके।
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स्थानीय नागरिकों की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती गांवों के लोगों को निगरानी व्यवस्था में शामिल करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम समितियों, पुलिस बल और वन विभाग के अधिकारियों के साथ सामूहिक भागीदारी से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। सीमा पार से होने वाली आवाजाही और प्रवेश मार्गों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
सौहार्दपूर्ण व्यवहार की अपील
सीएम धामी ने यह भी कहा कि नेपाल के साथ उत्तराखंड के पारिवारिक और सांस्कृतिक रिश्तों को देखते हुए प्रशासन को संयम और सौहार्द के साथ काम करना चाहिए। नेपाली नागरिकों के प्रति सौम्य और सहयोगात्मक व्यवहार रखा जाए, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों पर किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
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नेपाल में हालात गंभीर
नेपाल में 8 और 9 सितंबर 2025 को हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने विकराल रूप ले लिया। संसद भवन, सरकारी भवनों और मंत्रियों के घरों पर भीड़ ने हमला किया। कई जगहों पर आगजनी और पथराव हुआ। पुलिस की फायरिंग में 19 लोगों की मौत हुई, जबकि सैकड़ों घायल हो गए। पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल की पत्नी राज्यलक्ष्मी चित्राकर की आगजनी में मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व विदेश मंत्री और अन्य नेताओं पर भी हमला किया।
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नेपाल के मौजूदा हालात उत्तराखंड के लिए भी चुनौतीपूर्ण हैं। सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने साफ कहा है कि अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तराखंड सरकार का जोर फिलहाल सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने पर है।

