CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026: CM Yogi Adityanath extends Nag Panchami 2026 greetings to the people of Uttar Pradesh, praying for happiness, peace and prosperity in every home.
CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026: सावन के पवित्र महीने में आज यानी 17 अगस्त 2026, सोमवार को नाग पंचमी का त्योहार पूरे उत्तर प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लोगों को नाग पंचमी की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से सभी लोगों के सुख, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाग पंचमी हमारी संस्कृति और प्रकृति से जुड़े रहने का संदेश देने वाला पर्व है। यह त्योहार हमें सिर्फ पूजा-पाठ ही नहीं सिखाता, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं का सम्मान करने की भी सीख देता है।
Also Read: Instagram पर वीडियो पोस्ट करना महिला SI को पड़ा भारी, पुलिस विभाग ने किया सस्पेंड
सीएम योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026) ने नाग पंचमी के मौके पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए भगवान शिव से प्रार्थना की कि उनकी कृपा सभी लोगों पर बनी रहे। उन्होंने कामना की कि भोलेनाथ हर घर और हर आंगन में सुख, शांति और खुशहाली बनाए रखें। साथ ही प्रदेश के सभी लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि आए और सभी का कल्याण हो। मुख्यमंत्री का संदेश धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति के प्रति सम्मान से भी जुड़ा रहा। उन्होंने नाग पंचमी को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व बताया।
नाग पंचमी क्यों मनाई जाती है?
नाग पंचमी हिंदू धर्म (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026) का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। हिंदू मान्यता में सांपों को नाग देवता के रूप में सम्मान दिया जाता है। भगवान शिव के गले में भी नाग दिखाई देता है। इसी कारण सावन के महीने में भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन लोग अपने परिवार की सुख-शांति और सुरक्षा के लिए भगवान शिव तथा नाग देवता की पूजा करते हैं।
Read: मेरठ की बेटी IPS Aparna Gupta को गोल्ड मेडल, शानदार पुलिसिंग के लिए मिला सम्मान!
इस बार नाग पंचमी का दिन खास
साल 2026 में नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार को पड़ रही है। खास बात यह है कि इस दिन सावन का सोमवार भी है। यानी एक ही दिन भगवान शिव की पूजा और नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। इस वजह से शिव भक्तों में खास उत्साह दिखाई दे रहा है। सुबह से ही कई मंदिरों में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और पूजा करने पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कई शिव मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026)
प्रकृति का सम्मान करने का संदेश
नाग पंचमी (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026) का एक बड़ा संदेश प्रकृति के प्रति सम्मान भी है। सांप प्रकृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे खेतों में चूहों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका होती है। इसलिए नाग पंचमी हमें यह समझाती है कि धरती पर रहने वाले दूसरे जीवों के साथ भी हमें संवेदना और सम्मान से व्यवहार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नाग पंचमी को प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक बताया है। यानी इस पर्व का मतलब केवल मंदिर जाकर पूजा करना नहीं है, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझना भी है।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
यूपी में मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
नाग पंचमी (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026) और सावन सोमवार एक साथ होने के कारण उत्तर प्रदेश के कई शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्त पहुंच रहे हैं। लोग भगवान शिव को जल और बेलपत्र चढ़ाकर पूजा कर रहे हैं।कई जगहों पर मंदिरों में विशेष व्यवस्था भी की गई है। सावन के दौरान पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंच रहे हैं। नाग पंचमी के कारण आज धार्मिक स्थलों पर उत्साह और बढ़ गया है।
अयोध्या में भी धार्मिक माहौल
नाग पंचमी के आसपास अयोध्या में भी धार्मिक गतिविधियां तेज हैं। यहां सावन के प्रसिद्ध मणि पर्वत मेले की शुरुआत हो चुकी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। अयोध्या के कई मंदिरों में झूलनोत्सव भी शुरू हो गया है। ऐसे में सावन के इस दौर में अयोध्या में भक्तों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026)
नाग पंचमी पर क्या करते हैं लोग?
नाग पंचमी के दिन लोग सुबह स्नान करके पूजा करते हैं। इसके बाद भगवान शिव और नाग देवता की पूजा की जाती है। कई लोग नाग देवता की तस्वीर या प्रतिमा के सामने फूल, अक्षत और पूजा की दूसरी सामग्री चढ़ाते हैं। भगवान शिव को जल और बेलपत्र चढ़ाने की भी परंपरा है। हालांकि पूजा की विधि अलग-अलग जगहों और परिवारों में अलग हो सकती है। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार पूजा करते हैं। (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026)
पुराने समय से चली आ रही है नाग पूजा की परंपरा
भारत में नाग पूजा की परंपरा बहुत पुरानी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं में नागों का संबंध भगवान शिव और भगवान विष्णु से भी बताया गया है।भगवान विष्णु के साथ शेषनाग का उल्लेख मिलता है, जबकि भगवान शिव के गले में नाग विराजमान हैं। इसी वजह से नागों को भारतीय धार्मिक परंपरा में विशेष सम्मान मिला है। नाग पंचमी इसी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने वाला पर्व है। (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026)
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
खेल और लोक परंपराओं से भी जुड़ा है त्योहार
उत्तर प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में नाग पंचमी (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026) का त्योहार केवल पूजा तक सीमित नहीं रहता। पुराने समय से इस दिन कुश्ती और दूसरे पारंपरिक खेलों के आयोजन की भी परंपरा रही है। इन आयोजनों में गांव और आसपास के लोग उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं। इससे लोगों के बीच मेल-जोल बढ़ता है और पुरानी लोक परंपराएं भी आगे बढ़ती हैं।
सीएम योगी की अपील का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Nag Panchami Wishes 2026) की नाग पंचमी की शुभकामनाओं में धर्म के साथ प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश भी दिखाई देता है। पर्व हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति केवल इंसानों के लिए नहीं है। पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और दूसरे जीव भी हमारे पर्यावरण का हिस्सा हैं। इसलिए हमें उनके प्रति भी जिम्मेदारी और दया रखनी चाहिए।
नाग पंचमी के इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख और खुशहाली की कामना की है। उनका संदेश यही है कि भगवान शिव की कृपा सभी परिवारों पर बनी रहे और हर घर में सुख, शांति और समृद्धि आए।
कुल मिलाकर, इस साल नाग पंचमी इसलिए भी खास है क्योंकि यह सावन के सोमवार के साथ पड़ रही है। पूरे प्रदेश में भगवान शिव और नाग देवता की पूजा के साथ भक्त इस पर्व को श्रद्धा से मना रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देकर प्रकृति और जीव-जंतुओं के सम्मान का संदेश भी दिया है।

