Operation Sagar Bandhu: श्रीलंका में तूफान ने मचाई तबाही, भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन सागर बंधु’

Operation Sagar Bandhu: साइक्लोन दितवाहा ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। आपदा से अब तक कम से कम 150 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। तेज बारिश और तूफानी हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ गिर गए, घरों को नुकसान पहुंचा और सड़कों और पुलों को भी बहुत नुकसान पहुंचा। इसके साथ ही बिजली और कम्युनिकेशन सर्विस भी प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्य में बाधा आ रही है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी को भी खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि साइक्लोन दितवाहा अब तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन टीमों ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया है। SDRF और NDRF की टीमें तटीय जिलों में तैनात की गई हैं, और नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने की तैयारी तेज कर दी गई है।
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भारत का मानवीय योगदान – ऑपरेशन सागर बंधु
श्रीलंका में हुई आपदा के मद्देनजर भारत ने तुरंत मदद के लिए कदम उठाया और ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया। यह एक ह्यूमनिटेरियन सहायता और राहत (HADR) अभियान है, जिसके तहत इंडियन एयर फोर्स (IAF) और NDRF टीमें श्रीलंका और प्रभावित भारतीय तटीय क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी हैं।
हवाई सहायता और राहत सामग्री
IAF ने Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर, C-17, C-130, और IL-76 एयरक्राफ्ट तैनात किए हैं। ये विमान न केवल NDRF टीमों, मेडिकल सप्लाई और जरूरी राहत सामग्री को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचा रहे हैं, बल्कि फंसे हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने का कार्य भी कर रहे हैं।
- 29 नवंबर (रात): एक C-17 एयरक्राफ्ट ने पुणे से चेन्नई तक NDRF टीम और उनके जरूरी उपकरण पहुंचाए।
- 30 नवंबर (सुबह): एक C-130 एयरक्राफ्ट हिंडन एयरबेस से उड़ान भरते हुए श्रीलंका की ओर रवाना हुआ, जिसमें राहत सामग्री और टीम शामिल थी।
- IL-76 एयरक्राफ्ट पहले ही कोलंबो में उतरा और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में लगा हुआ है।
इन सभी एयर ऑपरेशन्स के माध्यम से लगभग 27 टन राहत सामग्री और 80 NDRF कर्मियों की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंच चुकी हैं। इन राहत सामग्रियों में भीष्म क्यूब्स, मेडिकल सप्लाई, ताजा खाने का सामान, साफ पानी और इमरजेंसी किट शामिल हैं।
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भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता
IAF और NDRF फंसे हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए त्रिवेंद्रम और हिंडन से इवैक्युएशन फ्लाइट्स चलाने की योजना बना रही हैं। राहत अभियान का मुख्य उद्देश्य जन-हानि को रोकना और पड़ोसी देशों को समय पर मानवीय सहायता पहुंचाना है।
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राजनीतिक और मानवीय पहल
भारत ने इस अवसर पर दो देशों के बीच समानता और सहयोग को मजबूत करने की पहल की है। अधिकारियों ने कहा है कि यह ऑपरेशन केवल राहत कार्य नहीं बल्कि दोस्ती और क्षेत्रीय एकता का प्रतीक भी है। श्रीलंका की सरकार ने भी भारत की मदद की सराहना की है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में सहयोग कर रही है।
इस आपदा को देखते हुए, लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने लोगों से सुरक्षित जगहों पर रहने, बिजली और पानी को लेकर ज्यादा सावधान रहने और सरकार और डिजास्टर मैनेजमेंट की एडवाइजरी मानने की अपील की है।

