Israel-Iran War: हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमला किया था। इसके बाद से इजराइल कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा है। हालांकि, इस जंग में वह हिजबुल्लाह, हमास, लेबनान और ईरान से ज्यादा ताकतवर नजर आ रहा है। लेकिन जब जंग होती है तो हर तरफ तबाही मच जाती है। जी हां, इजराइल में भी तबाही का मंजर है। यहां के लोग भी उतने ही डरे और सहमे हुए हैं। इजराइल लगातार हिजबुल्लाह और हमास दोनों के ठिकानों पर हमला कर रहा है। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने रविवार को पूरे दिन इजराइल पर 120 से ज्यादा रॉकेट और प्रोजेक्टाइल दागे।
इजरायली सेना ने बताया कि, हमास के 7 अक्टूबर के हमले की पहली वर्षगांठ से एक दिन पहले, रविवार को उत्तरी गाजा से दागे गए रॉकेट दक्षिणी इजराइल में गिरे। सेना ने एक बयान में कहा, “उत्तरी गाजा पट्टी से इजरायली क्षेत्र में कई मिसाइलें घुसती पाई गईं। एक मिसाइल को रोक दिया गया और बाकी मिसाइलें खुले इलाकों में गिर गईं।” फिलिस्तीनी आतंकवादियों द्वारा किए गए अभूतपूर्व हमले की वर्षगांठ मनाई जा रही है, लेकिन उससे पहले इजरायली सेना अपने ऊपर संभावित हमलों को लेकर सतर्क है। इस रिपोर्ट के माध्यम से आइए उन लोगो के बारे में आपको बताते हैं जो इस युद्ध में अपना सब कुछ खो रहे हैं जो इस युद्ध में अपना सब कुछ खो रहे हैं।
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यायर पिनहास लेबनान की सीमा के पास उत्तरी इज़राइल में अपने गृहनगर किरयात शमोना के आसपास की पहाड़ियों में लंबी पैदल यात्रा करते हुए बड़े हुए हैं। 32 वर्षीय सॉफ़्टवेयर इंजीनियर ने मीडिया को बताया, “जॉर्डन नदी इस क्षेत्र से शुरू होती है, और यहाँ बहुत सारी खूबसूरत झीलें और नदियाँ हैं, यह अद्भुत है। लेकिन हम हमेशा उस दृश्य की प्रशंसा करते रहते थे और कहते रहते थे, ‘कब? यह कब होने वाला है’?”
उन्होंने कहा कि, “उन्होंने सोचा था कि यही वह स्थान होगा जहां 7 अक्टूबर को हमले होंगे; इसी बात को लेकर वह हमेशा चिंतित रहते थे और इसी बारे में बात करते थे।” पिनहास के माता-पिता और उनकी दादी शामिल है और लगभग एक साल से होटल में रह रहे हैं, जब उन्हें 7 अक्टूबर के आतंकी हमलों के बाद किरयात शमोना से निकाला गया था। पिनहास ने वहां एक अपार्टमेंट किराए पर लेने से पहले कई महीनों तक तेल अवीव में दोस्तों के साथ काउच-सर्फिंग की, वह अपने परिवार से मिलने के लिए नियमित रूप से वहां जाते हैं।
सरकार ने क्या कहा?
इज़रायली सरकार ने कहा कि, पिनहास जैसे लोगों का भाग्य ही उन कारणों में से एक है, जिसके कारण उसे लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई करने की ज़रूरत है। पिछले हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते हुए इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि 8 अक्टूबर से अब तक हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल पर 8,000 से ज़्यादा रॉकेट दागे हैं, जिससे सीमा पर रहने वाले करीब 60,000 लोगों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा है।
लेबनान में रहना बहुत खतरनाक
इजरायल के लिए पहाड़ियों के आस पास की सीमा पर लड़ाई महंगी साबित हो सकती है ऐसा मीडिया से बात करते हुए ओरा हत्तन ने कहा है। आगे उन्होंने ये कहा है कि उन्हें लगता है कि, “सेना के लिए लेबनान में जाना खरातरनाक साबित हो सकता है क्योंकि वहा बहुत सारे जाल पहले से बिछाए गए है। इसके आगे उन्हें लगता है कि, उन्हें विमान से सीमा की रक्षा करनी चाहिए।”
हत्तन, जिनका घर लेबनान की सीमा पर है, अपनी पूरी ज़िंदगी श्टुला में ही रही हैं। उन्होंने कहा कि, उन्हें चिंता है कि मौजूदा युद्ध 2006 की तुलना में कहीं ज़्यादा ख़तरनाक है, जब इज़राइल ने आखिरी बार लेबनान पर हमला किया था।

