Gadchiroli kanker encounter: पुलिस और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़, 12 माओवादी हुए ढेर
Gadchiroli kanker encounter: गढ़चिरौली पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में 12 कुख्यात माओवादियों को मार गिराया गया है। बता दें कि यह मुठभेड़ 17 जुलाई की सुबह हुई है। जब गढ़चिरौली पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि करीब 12 से 15 माओवादियों छत्तीसगढ़ सीमा के पास वांडोली गांव के एक वन क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं।
इस की जानकारी प्राप्त करते ही DSP विशाल नागरगोजे के नेतृत्व में पुलिस के 7 विशेष पथक अभियान के लिए भेजे दिये गए। जब पुलिस ने अभियान शुरू किया उस समय माओवादियों ने अचानक से गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने माओवादियों को आत्मसमर्पण करने का मौका भी दिया था लेकिन माओवादियों ने गोलीबारी जारी रखी। इसके जवाब में, पुलिस ने भी जोरदार कार्रवाई की। जिसके बाद माओवादी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा किया।
बता दें कि इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से 7 पुरुष और 5 महिला माओवादियों के शव बरामद किया है। ये माओवादी विभिन्न अपराधों में लिप्त थे और महाराष्ट्र सरकार ने इन पर कुल 86 लाख रुपये का इनाम भी रखा था।
गढ़चिरौली पुलिस को इस मुठभेड़ के बाद 7 ऑटोमेटिक हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान भी बरामद हुए हैं। हालांकि इस मुठभेड़ में 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नागपुर के एक अस्पताल में भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों ने माओवादियों से हिंसक का रास्ता छोड़कर स्वाभिमान के साथ जीवन जीने की अपील भी की थी। वहीं गढ़चिरौली पुलिस की इस बहादुरी को पूरे राज्य में सराहा जा रहा है।
इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने कहा की, संपूर्ण कोरची-टिपागड और चातगाव-कसनसूर दलमका इस अभियान को खत्म कर दिया है। इस वजह से उत्तर गढ़चिरौली का बहुतांश क्षेत्र माओवादियों के प्रभाव से मुक्त हुआ है और साथ ही पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने माओवाद विरोधी अभियान को तेज करने का संकेत भी दे दिया और साथ ही साथ माओवादियों से आग्रह किया कि वे माओवादियों के हिंसक रास्ते को छोडकर स्वाभिमान के साथ जीवन व्यतीत करें।

