खुशखबरी !यूपी के सात उत्पादों को मिला जीआई टैग,होगी अंतरराष्ट्रीय पहचान !
UP GI Tag: उत्तर प्रदेश के सात उत्पादों को जीआई टैग मिला है। अब इन उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहचान होगी और दुनिया भर के लोग इसका उपयोग कर सकेंगे। वैसे भारत के कई उत्पाद लगातार दुनिया में अपनी पहचान बनाते जा रहे हैं। अब यूपी के नए सात उत्पाद भी दुनिया भर में अपनी पहचान बना सकेंगे। किसी भी उत्पाद को जीआई टैग मिलने के बाद उसकी अंतरराष्ट्रीय मांग शुरू हो जाती है और उस उत्पाद की पहचान किसी खास जगह से होने लगती है।
यूपी के जिन सात उत्पादों को जीआई टैग मिला है उसमे अमरोहा ढोलक ,महोबा का गौरा पत्थर हस्तशिल्प ,मैनपुरी की तारकशी ,संभल का हॉर्न क्राफ्ट ,बागपत का हों फर्निशिंग ,बाराबंकी का हनीड्लूम प्रोडक्ट और कालपी का हैंडपेड पेपर शामिल है। बता दें कि अमरोहा की पहचान काफी समय से ढोलक बनाने में रही है लेकिन उसकी पहचान अबतक देश के भीतर ही रही है। अब जीआई टैग मिल जाने से इसकी पहचान दुनिया भर में हो सकेगी। बता दें कि अमरोहा में ढोलक बनाने के लिए आम ,कटहल और सागौन की लकड़ी का उपयोग किया जाता है। इस वाद्ययंत्र की पहचान अबतक देश भर में रही है लेकिन अब इसकी पहचान दुनिया भर में सकेगी।
बता दें कि बागपत होम फर्निशिंग के लिए उद्योग निदेशालय ,यूपी सरकार और कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की तरफ से आवेदन किया गया था। बागपत और मेरठ में कई पीढ़ियों से हथकरघा घरेलु बनने वाले कपड़ो के लिए प्रसिद्ध रहा है। बाराबंकी हैंडलूम प्रोडक्ट के लिए यूपी सरकार ने सहकारी समिति लिमिटेड के साथ मिलकर आवेदन किया था। कहा जाता है कि इसका सालाना कारोबार डेढ़ सौ करोड़ का है।
गौरतलब है कि इन सभी उत्पादों के लिए सरकार ने अलग -अलग विभागों द्वारा आवेदन किया था। हालांकि इससे पहले अप्रैल महीने के दौरान यूपी के कुछ और उत्पादों को भी जीआई टैग मिला था। तब मशहूर बनारसी पान ,बनारस का लंगड़ा आम रामनगर का भंटा और अदमचीनी चावल को जीआई टैग मिला था। अब इन सभी उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय पहचान हो चुकी है। कह सकते हैं कि इस साल यूपी के कुल 18 उत्पादों को जीआई टैग मिला है। राज्य के कुल 52 उत्पादों को अब तक जीआई टैग मिल चुका है।