Governor Gulab Chand Kataria: घग्गर नदी पर बढ़ा संकट, केंद्र से 1600 करोड़ राहत, राज्यपाल ने हालात की समीक्षा की

Governor Gulab Chand Kataria: क्या पंजाब और हरियाणा एक और जल संकट की ओर बढ़ रहे हैं? शनिवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जब मकरौड साहिब में घग्गर नदी के हालात की समीक्षा की, तो सामने आईं चिंताजनक तस्वीरें। राज्यपाल ने साफ संकेत दिए कि घग्गर नदी की समस्या अब स्थानीय नहीं रही, यह दोनों राज्यों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। जल्द ही पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी।
राज्यपाल का दौरा और जमीनी हालात की समीक्षा
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मकरौड साहिब पहुंचकर घग्गर नदी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि भले ही इस बार सबसे अधिक नुकसान रावी नदी ने पहुंचाया, लेकिन घग्गर ने भी खतरे की घंटी बजा दी है।
भारी बारिश के चलते घग्गर नदी के कारण 6 से 7 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई।
एक मकान की छत गिरने से एक व्यक्ति की मौत भी हो गई।
संगरूर जिला सीधे तौर पर घग्गर से प्रभावित नहीं हुआ, लेकिन जलभराव ने हालात गंभीर बना दिए।
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केंद्र से राहत – 1600 करोड़ की पहली किस्त मंजूर
राज्यपाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने पंजाब में बाढ़ के हालात को देखते हुए 1600 करोड़ रुपये की तत्काल राहत देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है—पूरा आंकलन मिलने के बाद केंद्र सरकार और भी मदद देगी।
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घग्गर पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, बाढ़ के लिए जिम्मेदार?
मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि हरियाणा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के चलते मकरौड साहिब से आगे घग्गर के चौड़ीकरण पर रोक लगी हुई है। इसके चलते पानी की निकासी बाधित हुई और बाढ़ जैसे हालात बने।
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स्थानीय प्रयासों की सराहना, सुझाव भी लिए
राज्यपाल ने स्थानीय प्रशासन और जनता के प्रयासों की सराहना की, जो दिन-रात बाढ़ से निपटने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव भी मांगे।
राष्ट्रीय आपदा राहत कोष पर जवाब
जब मीडिया ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष को लेकर सवाल किया, तो राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यह कोष केंद्र और राज्य दोनों का संयुक्त प्रयास है और किसी भी आपदा में इसका उपयोग किया जा सकता है।

