Gyanvapi case Pending application seeking permission to worship Shivling
वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत कुलपति तिवारी ने मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में ज्ञानवापी मामले में ऱकल दी अर्जी पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। सोमवार को महंत कुलपति तिवारी ने जिला जज डॉ एके विश्वेश की अदालत में एक प्रार्थना पत्र देकर ज्ञानवापी श्रंगार गौरी-मस्जिद के तहखाने में बाबा विश्वेशर यानी शिवलिंग होने का दावा करते हुए वहां पूजा-पाठ, भोग लगाने और साफ-सफाई करने की अनुमति देने की मांग की थी।
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काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत कुलपति तिवारी ने अपने दावों को मजबूत करने के लिए प्रार्थना पत्र के साथ अनेक प्राचीन दस्तावेज और मानचित्र प्रस्तुत किये थे। अदालत ने उनकी अर्जी की पोषणीय होने अथवा न होने पर विचार करने के लिए मंगलवार की तिथि निर्धारित की थी, लेकिन इस पर जिला जज न्यायालय ने अभी कोई आदेश पारित नहीं किया है।
तिवारी का कहना है कि अदालत ज्ञानवापी मामलो की अगली सुनवाई के लिए 26 मई की तारीख निर्धारित की है। महंत का कहना है कि वे उस दिन अदालत के जल्द से जल्द इस अर्जी पर आदेश जारी करके उन्हें शिवलिंग की पूजा किये जाने की अनुमति दी जाए।

