Hathras Stampede: ये वकील लड़ेंगे हाथरस के भोले बाबा का केस, निर्भया केस से जुड़ चुका है नाम
Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगड़र में कई लोगों की जान चली गई। यह सत्संग नारायण सरकार हरि ने करवाया था जिसे उनके भक्त भोले बाबा के नाम से बुलाते हैं। 2 जुलाई के दिन हुआ इस हादसे में कई परिवार उजड़ गया। इस लेकर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है हालांकि FIR में बाबा का नाम दर्ज नहीं है। वहीं इस मामले में अब भोले बाबा यानी नारायण साकार हरि का बयान भी सामने आए हैं जहां उन्होंने असमाजिक तत्व को जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि बुधवार के दिन इन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि जब यह घटना घाटी हुआ उससे पहले ही वह वहां से निकल गए थे और कुछ असामाजिक तत्वों ने भगदड़ मचाई, बाबा ने यह भी बताया कि इस पूरे मामले में असामाजिक तत्व के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह यानी अजय प्रकाश सिंह केस को लड़ेंगे। अब सवाल यह है कि आखिर यह एपी सिंह कौन है? तो चलिए हम जानते हैं कि आखिर एसपी सिंह है कौन?
अगर आपको निर्भया केस याद होगा तो आपको यह भी याद होगा कि निर्भया के दोषियों के लिए किसने केस लड़ा था, उनका नाम एपी सिंह था, यह वहीं वकील है जो निर्भया के दोषियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से लड़ गए थे। एपी सिंह अपने केस और अपनी बयान की वजह से काफी चर्चा में रहते हैं और पिछले कुछ सालों से कई हाई प्रोफाइल कैसे भी लड़ चुके हैं।
कौन है एपी सिंह
एपी सिंह का जन्म 1972 में दिल्ली में हुआ था। लखनऊ यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई करने के बाद वकालत में उतर गये। एक रिपोट की मानें तो उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक विवादित बाबा चंद्र स्वामी के केस किया था। माना जाता है कि चंद्रास्वामी एक तांत्रिक था जो खुद को भगवान बताता था और कई बड़े-बड़े एक्ट्रेस और एक्टर और दाऊद इब्राहिम जैसे कई बड़े लोग चंद्रास्वामी से सलाह लिया करते थे। एक रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि राजीव गांधी की हत्या में चंद्रस्वामी का एक बड़ा हाथ है। एक इंटरव्यू में एसपी सिंह ने बड़ा खुलासा किया था जिसमें कहा था कि जब वह कोर्ट में केस लड़ने गए थे तो उन्हें कोट, पैंट और वकील की ड्रेस तोहफे में चंद्रास्वामी ने ही दिया था। इसके बाद से चंद्रस्वामी के साथ कई बार विदेश भी गए। जिसे लेकर यह कई बार विवादों में भी घीरे हैं।
क्यों लड़े थे निर्भया के आरोपियों की तरफ से केस
दरअसल एपी सिंह सबसे ज्यादा विवाद में तब आए थे जब उन्होंने निर्भय मर्डर केस में आरोपियों के तरफ से अपना पक्ष रखा था। 2020 में हाथरस में 19 साल की महिला के साथ गैंगरेप हुआ था। इस मामले में यह आरोपी के तरफ से खड़े थे जिसमें उन्होंने कहा था कि क्या मुझे यह नहीं पूछना चाहिए कि “एक लड़की इतनी रात में किसी लड़के के साथ क्यों घूम रही थी” “क्या यह सबूत का हिस्सा नहीं है, मैं यह नहीं कह रहा कि उनके बीच में भाई बहन का रिश्ता था और वह रक्षाबंधन की त्यौहार मना रहे थे” बस इतना कह रहा हूं कि वह दोस्त है और उनके समाज में प्रेम प्रेमिकाओं के रिश्ते को माना जाता होगा लेकिन जहां से मैं आता हूं वहां ऐसे रिश्तों का कोई मूल्य नहीं है जिसके बाद वह विवाद में घिर गए थे।
कोर्ट ने निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी उस समय एपी सिंह ने अदालत में चलते हुए कहा था कि जज झूठा है या यूं कहा है कि जज ने झूठ का साथ दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि यह फैसला राजनीतिक दबाव और वोटबैंक की राजनीति के लिए किया गया है। अदालत के बाहर आते ही एपी सिंह एक और बड़ा बयान दिया जहां उन्होंने कहा कि “अगर मेरी बहन या बेटी शादी से पहले ऐसा कुछ करती है तो मैं अपने फार्म हाउस में ले जाकर उसको मार देता”। और अब यह हाथरस में हुई हादसा को लेकर फिर से चर्चा में बने हुए हैं क्योंकि अब वह भोले बाबा के तरफ से केस लड़ने वाले हैं जिसे लेकर एपी सिंह ने बयान भी जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि जब नारायण सरकार हरि वहां से चले गए थे उसके बाद वहां असामाजिक तत्व ने साजीस रची और उसकी जांच होनी चाहिए जिस वजह से वह केस लड़ रहे हैं।

