IMD Weather Report: Cyclone Fengal wreaks havoc in South India, devastation everywhere! IMD issues red alert
IMD Weather Report: मौसम विभाग (IMD) ने केरल के कई इलाकों में भारी से लेकर बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने खास तौर पर केरल और माहे में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
उत्तर भारत में सर्दी का मौसम आ गया है। लोग गर्म कपड़ों, रजाई और कंबल पर निर्भर हैं। वहीं, दक्षिण भारत में चक्रवात और भारी बारिश ने मुसीबतें खड़ी कर दी हैं। मौसम विभाग (IMD) ने केरल के कई इलाकों में भारी से लेकर बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने विशेष रूप से केरल और माहे में बहुत भारी वर्षा की भविष्यवाणी की है, तथा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
इस बार कम पड़ेगी सर्दी
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक सर्दी का मौसम हल्का रहने का अनुमान है। देश के अधिकांश भागों में ठंड की तीव्रता कम हो जाएगी और न्यूनतम तापमान औसत से ऊपर रहेगा। सर्दियों में, शीत लहर आम तौर पर 5-6 दिनों तक चलती है, लेकिन इस बार यह केवल 2-4 दिनों तक रह सकती है। हालांकि, दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में तापमान औसत या सामान्य से कम रहने की उम्मीद है। पिछले नवंबर में पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति ने मौजूदा गर्म मौसम को और बढ़ावा दिया। वहीं, दक्षिण भारत में चक्रवात फेंगल के कारण भारी बारिश जारी है।
केरल में रेड अलर्ट
केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। चक्रवात ‘फेंगल’ अब कमजोर होकर तमिलनाडु और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में निम्न दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इसके चलते उत्तर और मध्य केरल में भारी बारिश और गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना है। मौसम विभाग ने कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड, और मलप्पुरम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। पलक्कड़, इडुक्की, और कोट्टायम जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं।
बंगलुरु और कर्नाटक में बारिश का सिलसिला जारी
चक्रवात के प्रभाव के कारण बेंगलुरू समेत पूरे दक्षिण कर्नाटक में बारिश जारी है। भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते दक्षिण कन्नड़ जिले में स्कूल और कॉलेज 3 दिसंबर को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। पुडुचेरी में भारी बारिश के चलते सभी स्कूल और कॉलेज आज 3 दिसंबर को बंद रहे। इस बीच, मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी ने कहा कि चक्रवात से प्रभावित राशन कार्ड धारकों को 5,000 रुपये की सहायता पैकेज मिलेगा।
124 साल का टूटा रिकॉर्ड
हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2024 सबसे सूखे महीनों में से एक रहा। राज्य में सामान्य 19.7 मिमी की तुलना में केवल 0.2 मिमी बारिश हुई। आईएमडी के मुताबिक, अक्टूबर और नवंबर में वर्षा की कमी का कारण मौसमी सिस्टम में बदलाव है। इस मौसम का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तरह से महसूस हो रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का संकेत मान रहे हैं।

