Maharashtra Elections 2024: Ruckus in Maharashtra… Ajit Pawar revealed many secrets, Rahul, Devendra and Sharad Pawar jumped in between
Maharashtra Elections 2024: महाराष्ट्र (Maharastra) में ढाई साल पहले सियासी भूचाल आया था, BJP ने पार्टी तोड़कर महाविकास अघाड़ी सरकार को बेदखल कर महायुति सरकार बनाई थी। कुछ दिनों बाद शरद पवार की पार्टी बिखर गई और अजित पवार महायुति में शामिल हो गए।
20 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता वोट डालेंगे। चुनाव से पहले अडानी को लेकर राजनीति गरमा गई है। दलों के प्रमुख नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। विवाद अजित पवार के एक बयान पर उठा। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह और शरद पवार की मुलाकात दिल्ली में एक अडाणी की मौजूदगी में हुई थी। इसके बाद महा विकास अघाड़ी ने मौके को लपक लिया और बीजेपी पर निशाना साधना शुरू कर दिया। बीजेपी को सफाई देनी पड़ी और अजित पवार अपने बयान से पलट गए।
अजित पवार ने क्या कहा?
अजित पवार के अनुसार, पांच साल पहले गौतम अडानी ने भाजपा और एकीकृत एनसीपी के बीच राजनीतिक बातचीत में मदद की थी। वह उस दौर का जिक्र कर रहे थे, जो 2019 में देवेंद्र फडणवीस को सीएम और खुद को डिप्टी सीएम बनाकर बीजेपी की अल्पकालिक सरकार बनाने से ठीक पहले हुई थीं। उन्होंने कहा, ‘अमित शाह, गौतम अडानी, प्रफुल्ल पटेल, देवेंद्र फडणवीस और शरद पवार सभी वहां थे। यह बैठक दिल्ली में एक कारोबारी के घर हुई थी। मतलब अजित पवार ने दावा किया कि गौतम अडानी ने शरद पवार और अमित शाह की मुलाकात करवाकर दोनों को साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाने की डीलिंग करवाई थी। अजित ने कहा कि सब कुछ तय हो गया था, लेकिन दोष उनके ऊपर थोपा जा रहा है।
राहुल गांधी हुए हमलावर
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर हुआ। सरकार गिराने के लिए अडानी का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार गिराने के लिए बीजेपी की ओर से राजनीतिक बैठकें की गईं। इस बैठक में उद्यमी गौतम अडानी बैठे थे। वह इस बैठक में क्या कर रहे थे? एक लाख करोड़ रुपए का मुनाफा कमाने के लिए अडानी ने धारावी में ठिकाना बनाने की कोशिश की। महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार उनकी वजह से गिर गई।
अडानी संग बैठक पर देवेंद्र फडणवीस ने किया दावा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, नवंबर 2019 में नई दिल्ली में भाजपा-एनसीपी की बैठक हुई थी। इस बैठक में कारोबारी गौतम अडानी मौजूद नहीं थे, लेकिन शरद पवार मौजूद थे। उन्होंने शरद पवर पर उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘बैठक हुई थी, लेकिन यह अडानी के आवास पर नहीं थी और न ही वह मौजूद थे। मेरे अलावा, बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल और अजीत पवार शामिल थे।’ ‘सरकार के गठन, विभागों के आवंटन और संरक्षक मंत्रियों की नियुक्ति पर मैराथन चर्चा हुई। योजना को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी मुझे और अजीत पवार को सौंपी गई थी। जब योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया में थी, तो शरद पवार चुपचाप सीन से हट गए… हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि पवार इस तरह से पीछे हटेंगे।’
बैठक हुई, पर मैं मौजूद नहीं था-शरद पवार बोले
एनसीपी (सपा) के नेता शरद पवार ने भी अडानी के घर पर हुई बैठक को लेकर उठे विवाद पर टिप्पणी की। उनके अनुसार, यह बैठक अडानी के नई दिल्ली स्थित घर पर हुई थी। अडानी ने रात्रिभोज की मेजबानी की थी, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं में भाग नहीं ले रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके अलावा, अडानी, अमित शाह और अजित पवार भी मौजूद थे। यह बैठक अजित पवार के उपमुख्यमंत्री के रूप में सुबह-सुबह शपथ लेने से पहले हुई थी, जिसमें देवेंद्र फडणवीस सीएम बने। सरकार बनी जो मुश्किल से 80 घंटे चली। उन्होंने कहा कि एनसीपी के कई नेता जांच एजेंसियों का सामना कर रहे थे। उन्हें कहा गया कि अगर वे भाजपा से हाथ मिलाते हैं, तो मामले खत्म हो जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, पवार ने कहा कि उन्होंने पीछे हट गए क्योंकि उन्हें यकीन नहीं था कि भाजपा अपना वादा निभाएगी।

