Massive fire in Barkot of Uttarkashi, 7 houses and 5 shops burnt to ashes, panic created due to explosion of 4 gas cylinders
Massive fire in Barkot of Uttarkashi : उत्तरकाशी, 13 दिसंबर 2024 – उत्तरकाशी जिले के बड़कोट कस्बे में देर रात एक भीषण आग ने तांडव मचाया, जिससे 7 मकान और 5 दुकानें जलकर राख हो गईं। इस घटना में कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन आग के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के बाद तुरंत फायर सर्विस की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच पाई, जिससे स्थानीय लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का प्रयास करना पड़ा।
गैस सिलेंडर के फटने से मची अफरा-तफरी
आग लगने की घटना के बाद जब गैस सिलेंडरों में धमाके होने लगे, तो इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि एक के बाद एक चार गैस सिलेंडर फटने से आसपास के इलाके में भारी दहशत फैल गई। इसके बावजूद, फायर सर्विस की गाड़ी करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि घटना की सूचना देने के बाद भी समय पर फायर सर्विस की गाड़ी नहीं पहुंची, और ना ही आपदा से जुड़े अधिकारियों ने रात भर फोन उठाए। बड़कोट में स्थित फायर सर्विस वाहन भी खराब पड़ा था, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। अंततः, फायर सर्विस के वाहन नौगांव और पुरोला से आई, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका।

घटना में पांच लोगों की जान बचाई गई
आगजनी के दौरान, पुलिस, होमगार्ड और आईआरबी के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और पांच लोगों को आग की लपटों से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने राहत कार्यों में मदद की और आसपास के लोगों को भी आग से बचाने का प्रयास किया।
जलकर राख हुए मकान और दुकानें
आग के कारण बड़कोट के लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास सात मकान और पांच दुकानें जलकर राख हो गईं। प्रभावित मकान राकेश भंडारी, चंद्रपाल, कल्याण सिंह, मंगल सिंह, और शैलेन्द्र सिंह के थे। घटना के समय राकेश भंडारी का परिवार घर में था, लेकिन उन्होंने आग की लपटों से भागकर अपनी जान बचाई। दुकानों में एक ड्राईक्लीन, फास्ट फूड और सब्जी की दुकानें शामिल थीं, जो पूरी तरह से जलकर खाक हो गईं।
स्थानीय लोगों का गुस्सा और प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों ने फायर सर्विस की लेटलतीफी पर भारी आक्रोश जताया। उनका कहना था कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिकारियों को फोन किया, लेकिन अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। इस बात से स्थानीय लोग काफी नाराज थे और उन्होंने प्रशासन से इस लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस द्वारा घटना की जांच की जा रही है, और आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, पीड़ित परिवारों ने अन्यत्र शरण ले रखी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
यह घटना बड़कोट के लिए एक बड़ी आपदा साबित हुई, लेकिन स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया। अब सभी की उम्मीद है कि प्रशासन इस घटना से सीख लेगा और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए बेहतर इंतजाम करेगा।

