बिहार चुनावी रैली में प्रियंका गांधी का NDA पर वार, वोट चोरी और महिला रोजगार योजना पर उठाए सवाल

Priyanka Gandhi: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोतिहारी की रैली में एनडीए गठबंधन पर करारा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के जरिए 75 लाख महिलाओं को 7,500 करोड़ रुपये बांटने को “वोट खरीदने की कोशिश” करार दिया। प्रियंका ने सवाल उठाया कि अगर यह योजना महिलाओं के लिए इतनी ज़रूरी थी, तो सत्ता में रहने के इतने सालों बाद अचानक चुनाव से पहले ही क्यों लाई गई?
प्रियंका गांधी ने रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर विकास के दावों की पोल खोलने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलों के ध्वस्त होने, जमीन घोटाले और मखाना निर्यात संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार में असली विकास नहीं, बल्कि वोट की राजनीति हो रही है।
वोट खरीदने का आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा, “वे सालों से सत्ता में हैं। उन्हें इन खैरातों के बारे में पहले क्यों नहीं याद आया?” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय पैसे और वादों के जरिए जनता को बहकाने की कोशिश की जा रही है।
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भीड़ से सीधा संवाद
रैली में प्रियंका गांधी ने जनता से सवाल किया – “क्या आप जानते हैं कि पिछले 20 सालों से बिहार में कौन सत्ता में है?” इस पर भीड़ ने जवाब दिया, “वोट चुराने वाले।” प्रियंका ने मुस्कुराते हुए कहा, “आपने मेरे लिए चीजें कितनी आसान कर दी हैं।”
नीतीश सरकार के विकास मॉडल पर वार
प्रियंका गांधी ने नीतीश कुमार को घेरते हुए कहा कि पिछले तीन सालों में बिहार में 27 पुल ढह चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “विकास पुरुष होने के दावों की तो बात ही कुछ और है।”
जमीन और मखाना विवाद
प्रियंका ने भागलपुर की उस जमीन सौदे का भी जिक्र किया जिसमें 10,000 एकड़ से ज्यादा जमीन एक कारोबारी समूह को औने-पौने दाम पर पट्टे पर देने का आरोप है। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ की वजह से उत्तर बिहार में उगने वाले मखाने के निर्यात पर पड़ने वाले असर को भी चुनावी मुद्दा बनाया।
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राहुल गांधी की यात्रा का जिक्र
अपने भाषण में प्रियंका गांधी ने कांग्रेस सांसद और भाई राहुल गांधी को “सच्चा देशभक्त” बताते हुए कहा कि उन्होंने “4,000 किलोमीटर पैदल चलकर आम लोगों की आवाज सुनी और उनकी समस्याओं को समझा।” उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा को जनता से जुड़ने का बड़ा उदाहरण बताया।

