Retired employees in Uttarakhand will now get a respectable farewell ceremony: Chief Secretary gave strict instructions
Retired employees in Uttarakhand : उत्तराखंड सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को गरिमामयी विदाई देने और उनके देयकों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का विदाई समारोह गरिमामय हो और उनका लंबित भुगतान समय पर हो। इस उद्देश्य से सभी विभागों, निगमों, बोर्डों, और आयोगों को लिखित आदेश जारी किए गए हैं।
सम्मानजनक विदाई का उद्देश्य
सरकारी सेवा में अधिवर्षता आयु पूरी करने वाले कर्मचारियों को विदाई देने की परंपरा तो पहले से ही है, लेकिन इसे और प्रभावी बनाने के लिए मुख्य सचिव ने यह आदेश दिया है। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित करना और उन्हें अपने योगदान के लिए गर्व की अनुभूति कराना है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना है कि उनके बकाया देयकों का भुगतान बिना किसी देरी के हो जाए।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, हिंदी न्यूज़, Today Hindi News, Breaking
मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागाध्यक्षों, जिलाधिकारियों, और बड़े अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का भुगतान समय पर नहीं होने की शिकायतें अक्सर मिलती रहती हैं। जबकि वित्त विभाग पहले ही भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाने के आदेश दे चुका है। अब यह सुनिश्चित किया जाए कि सेवानिवृत्त कर्मियों को उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, सामूहिक बीमा और जीपीएफ की 90% धनराशि का भुगतान तुरंत किया जाए।

विदाई समारोह की व्यवस्था
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि हर माह के अंतिम कार्य दिवस पर सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक सम्मान समारोह आयोजित किया जाए। यह समारोह विभागाध्यक्षों, निगमों, बोर्डों और आयोगों के कार्यालयों में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में सेवानिवृत्त कर्मी को सम्मानित किया जाएगा। समारोह में उन्हें शॉल पहनाया जाएगा, एक मोमेंटो भेंट किया जाएगा, और उनकी सेवाओं की सराहना की जाएगी।
देयकों का त्वरित निस्तारण
विदाई समारोह के दौरान ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सभी देयकों का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रक्रिया में पेंशन, ग्रेच्युटी, सामूहिक बीमा, और अवकाश नकदीकरण के साथ जीपीएफ में जमा 90% राशि का भुगतान शामिल होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें उनके अधिकारों के लिए कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
प्रेरणा का माध्यम
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि इस प्रकार का आयोजन न केवल सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए सम्मान का प्रतीक होगा, बल्कि कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा। इससे वे अपनी सेवाओं को और अधिक उत्साह और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रेरित होंगे।
देरी से भुगतान पर सख्ती
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी विभाग में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों के भुगतान में देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रक्रिया को सुचारू और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

