Shadow of cancer, why are the queues of patients increasing in Himachal?
Cancer Cases: हिमाचल प्रदेश में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट राज्यों के बाद आबादी के अनुपात में हिमाचल प्रदेश देश का दूसरा राज्य बन चुका है जहां कैंसर मरीजों की संख्या चिंताजनक स्तर पर पहुंच रही है। इस alarming स्थिति से निपटने के लिए सरकार अब एम्स (AIIMS) की तर्ज पर अत्याधुनिक तकनीक को प्रदेश में लाने जा रही है।
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सदन में गूंजा कैंसर का मुद्दा
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में यह बड़ा मुद्दा उठाया गया। विधायक राकेश कालिया और कुलदीप सिंह राठौर के संयुक्त प्रश्न पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कैंसर रोगियों के इलाज और शुरुआती स्तर पर रोग की पहचान के लिए ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि शिमला के आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में इसी वर्ष PET Scan की हाई-टेक सुविधा शुरू की जाएगी। इसके बाद इसे अन्य मेडिकल कॉलेजों तक चरणबद्ध तरीके से विस्तार दिया जाएगा।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमेटी बनी
सीएम सुक्खू ने बताया कि प्रदेश सरकार ने देश के नामी कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक स्टेट लेवल कमेटी गठित की है। यह कमेटी लगातार बैठक कर रही है और प्रदेश में कैंसर उपचार के लिए सर्वोत्तम मॉडल तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक विशेष कैंसर अस्पताल बनाया जा रहा है। इसमें शुरुआती चरण में ही बीमारी पकड़ने और उसके अनुसार इलाज तय करने की सुविधा होगी। इसके लिए सरकार ने बजट में भी प्रावधान किया है।
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3000 करोड़ के आधुनिक उपकरण आएंगे
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि कैंसर की शुरुआती स्टेज पर पहचान बेहद जरूरी है। इसी दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 3000 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मेडिकल उपकरण खरीदने की योजना बनाई है। इनमें उच्च तकनीक वाली मशीनें और उपचार संबंधी सुविधाएं शामिल होंगी।
कीटनाशकों पर सरकार की नजर
सीएम सुक्खू ने यह भी स्वीकार किया कि कीटनाशक और यूरिया के अत्यधिक छिड़काव से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार में नॉन-ब्रांडेड और अस्वीकृत कीटनाशक धड़ल्ले से बिक रहे हैं, जो कैंसर फैलाने का एक बड़ा कारण हो सकते हैं।
सरकार ने इस पर नियंत्रण के लिए सख्त निगरानी का आश्वासन दिया और किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने पर जोर दिया।
जिला स्तर पर कीमोथेरेपी की सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला स्तर पर कैंसर रोगियों के लिए कीमोथेरेपी सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। मंडी के जोनल अस्पताल और सरकाघाट के सिविल अस्पताल में पहले ही यह सुविधा दी जा चुकी है।
इसके अलावा धर्मशाला, पालमपुर, नूरपुर, जयसिंहपुर और बैजनाथ में भी कीमोथेरेपी और फॉलोअप की सेवाएं उपलब्ध हैं। वहीं, रामपुर और रोहड़ू में जल्द ही नए सेंटर शुरू होने वाले हैं।
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विधायकों की चिंता
सदन में विधायक कुलदीप राठौर ने कहा कि हिमाचल में कैंसर के मरीजों की बढ़ती संख्या बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में धड़ल्ले से नॉन-ब्रांडेड कीटनाशक बिक रहे हैं और इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वहीं विधायक राकेश कालिया ने अपने क्षेत्र की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि उनके इलाके में भी कैंसर पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए वहां भी कीमोथेरेपी सेंटर की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही उन्होंने हरमन नामक एक युवक का मामला उठाया जिसे बोन मैरो की गंभीर बीमारी है और उसके इलाज पर करीब 20 लाख रुपये का खर्च आएगा।
इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि नियमों के तहत हर संभव मदद दी जाएगी।
सरकार का वादा
सीएम सुक्खू ने दोहराया कि सरकार कैंसर के इलाज को लेकर गंभीर है और “हर मरीज को शुरुआती स्तर पर जांच और उचित इलाज की सुविधा दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल को कैंसर उपचार में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।

