Twisha Sharma Case CBI chargesheet and second postmortem report
Twisha Sharma Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आए Twisha Sharma Case में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सीबीआई ने इस मामले में 636 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों और मेडिकल जांच के आधार पर ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या से हुई थी।
मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को माना जा रहा है। परिवार की ओर से पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए जाने के बाद जबलपुर हाई कोर्ट के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। अब सीबीआई की चार्जशीट में कहा गया है कि दूसरी पोस्टमार्टम जांच में भी मौत के तरीके के तौर पर आत्महत्या की पुष्टि हुई है।
परिवार ने जताई थी हत्या की आशंका
Twisha Sharma Case की शुरुआत से ही मृतका के परिवार ने मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। परिवार का आरोप था कि ट्विशा की हत्या की गई और पहली पोस्टमार्टम प्रक्रिया में तथ्यों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई।
ट्विशा के माता-पिता और भाई ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह के प्रभाव का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम से पहले तथ्यों में बदलाव किए जाने की आशंका जताई थी। परिवार लगातार इस बात की मांग कर रहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और मौत की वास्तविक वजह सामने लाई जाए।
परिवार की आपत्तियों के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा और दूसरी पोस्टमार्टम जांच कराने का रास्ता साफ हुआ। इसी प्रक्रिया के बाद अब सीबीआई की जांच रिपोर्ट में आत्महत्या का निष्कर्ष सामने आया है।
READ: देश के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण, CM मोहन यादव ने बच्चों के साथ 14-D थिएटर में देखी फिल्म!
जबलपुर हाई कोर्ट के आदेश पर हुआ था दूसरा पोस्टमार्टम
पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उठे सवालों के बाद जबलपुर हाई कोर्ट ने दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश दिया था। इसके बाद दिल्ली AIIMS की टीम भोपाल पहुंची और भोपाल AIIMS में ट्विशा शर्मा का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया।
दूसरे पोस्टमार्टम का उद्देश्य यह स्पष्ट करना था कि पहली मेडिकल रिपोर्ट में मौत के कारण और परिस्थितियों को लेकर कोई महत्वपूर्ण तथ्य छूट तो नहीं गया था। परिवार को उम्मीद थी कि दोबारा मेडिकल जांच से उनकी ओर से उठाए गए सवालों का जवाब मिल सकेगा।
हालांकि, Twisha Sharma Case में सामने आई दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी आत्महत्या की संभावना को ही समर्थन दिया। सीबीआई ने इसी रिपोर्ट समेत जांच के दौरान जुटाए गए अन्य साक्ष्यों को अपनी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है।
पति और सास के खिलाफ सीबीआई ने दाखिल किया आरोपपत्र
सीबीआई ने मामले में ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। दोनों पर मामले की जांच के दौरान गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला जज रह चुकी हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई की जांच पर लगातार नजर बनी हुई थी। आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी पहले बढ़ाई गई थी और दोनों को अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था।
हालांकि, चार्जशीट में आत्महत्या का निष्कर्ष सामने आने के बावजूद मामले में लगाए गए अन्य आरोप और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बने रहेंगे। अंतिम फैसला अदालत में होने वाली सुनवाई और साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही होगा।
READ: महाकाल मंदिर में दर्शन के दौरान मची भगदड़, कई श्रद्धालु घायल
दहेज से जुड़े आरोपों की भी जांच
Twisha Sharma Case में दहेज से जुड़े आरोप भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। परिवार की ओर से ट्विशा की मौत को लेकर लगातार गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच एजेंसी ने इसी संदर्भ में पति और सास की भूमिका की भी जांच की।
सीबीआई की चार्जशीट में मेडिकल रिपोर्ट के अलावा जांच के दौरान सामने आए अन्य तथ्यों और साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। किसी भी आपराधिक मामले में चार्जशीट जांच एजेंसी का पक्ष प्रस्तुत करती है, जबकि आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होती है।
आवाज के नमूने को लेकर भी हुआ विवाद
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों और सीबीआई के बीच आवाज के नमूने को लेकर भी विवाद सामने आया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने वॉइस सैंपल देने में सहयोग नहीं किया।
वहीं बचाव पक्ष ने इस आरोप का विरोध किया था। आरोपियों की ओर से अदालत में कहा गया कि आवाज के नमूने लेने की प्रक्रिया के दौरान जांच एजेंसी के अधिकारियों का व्यवहार उचित नहीं था। बचाव पक्ष ने इस संबंध में अदालत के सामने अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई थी।
यह विवाद भी Twisha Sharma Case की जांच के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं में शामिल रहा।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
न्यायिक हिरासत भी बढ़ाई गई थी
इस मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के सामने आरोपियों की पेशी भी हुई थी। नियमित मजिस्ट्रेट के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष हुई थी। दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था।
सीबीआई की ओर से जांच जारी होने की दलील दिए जाने के बाद अदालत ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की अनुमति दी थी। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
परिवार के आरोप और सीबीआई की जांच में अंतर
Twisha Sharma Case में सबसे अहम बात यह है कि परिवार ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई थी, जबकि सीबीआई की जांच में आत्महत्या का निष्कर्ष सामने आया है। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी सीबीआई के निष्कर्ष को समर्थन दिया है।
ऐसे मामलों में मेडिकल रिपोर्ट, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य जांच सामग्री महत्वपूर्ण होती है। अदालत इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
अब अदालत की प्रक्रिया पर टिकी नजर
636 पेज की सीबीआई चार्जशीट दाखिल होने के बाद Twisha Sharma Case में जांच का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी आत्महत्या की पुष्टि होने से परिवार की ओर से लगाए गए हत्या के आरोपों पर बहस का नया आधार तैयार हुआ है।
फिलहाल मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा। सीबीआई की चार्जशीट में दर्ज निष्कर्ष जांच एजेंसी का पक्ष हैं और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों की न्यायिक समीक्षा के बाद ही आरोपों पर अंतिम निर्णय होगा।
अब इस मामले में आगे होने वाली सुनवाई, चार्जशीट में शामिल साक्ष्यों और अदालत के रुख पर सबकी नजर रहेगी। ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े सवालों का अंतिम कानूनी जवाब न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

