Monsoon wreaks havoc across the country, yellow alert in Delhi-UP, flood danger in Himachal-Uttarakhand
Uttrakhand Weather Update: उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका व्यक्त की है।उत्तरकाशी में यमुनोत्री राजमार्ग पर यातायात फिर से शुरू हो गया है। डाबरकोट के पास पांच घंटे तक राजमार्ग बंद था। टिहरी और पौड़ी में बादल छाए हुए हैं, सभी राजमार्ग खुले हैं। बदरीनाथ हाईवे पागलनाला और पीपलकोटी के पास खुला है। हल्द्वानी और कोटद्वार में लगातार बारिश हो रही है। गंगोत्री राजमार्ग खुला है।वही रुड़की और चमोली में रुक-रुककर बारिश हो रही है।
भारी बारिश का रेड अलर्ट:
मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इस क्षेत्र में 100 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे घरों से बाहर न निकलें और नदी-नालों से दूर रहें।
चारधाम यात्रा बाधित:
लगातार हो रही बारिश के कारण चारधाम यात्रा भी बाधित हो रही है। कई बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा पर जाने से पहले मौसम का पूर्वानुमान जरूर देख लें।
नुकसान का आकलन:
बारिश से प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है। कई घरों और दुकानों को क्षति पहुंची है। फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
राहत कार्य:
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य शुरू कर दिया है। बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। NDRF और SDRF की टीमें भी राहत कार्य में लगाई गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना:
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार मानसून की बारिश बहुत भारी हो रही है। उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों में इतनी बारिश नहीं देखी थी। उन्होंने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड में मानसून की बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन अभी भी कई इलाकों में स्थिति गंभीर है।

