Gadarpur: Warehouse owner brutally beats child for refusing to unload biscuit box, accused in custody
Warehouse owner brutally beats child: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। बिस्किट की पेटी उतारने से मना करने पर एक गोदाम मालिक ने मासूम बच्चे को बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
घटना का विवरण
गदरपुर के वार्ड नंबर 4, इंदिरा विहार कॉलोनी में स्थित बिस्किट गोदाम का मालिक अक्सर बच्चों को 10 से 20 रुपए का लालच देकर ट्रक से बिस्किट की पेटी उतरवाने और गोदाम में रखने का काम करवाता था। 13 नवंबर को भी उसने स्कूल से लौटने के बाद खेलने गए दो बच्चों को काम के लिए बुलाया। जब बच्चों ने बिस्किट की पेटी उतारने से इनकार किया, तो गोदाम मालिक ने उन्हें गोदाम में बंद कर दिया और उनमें से एक बच्चे की बेरहमी से पिटाई कर दी।
वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
इस घटना का वीडियो, जिसमें गोदाम मालिक हाथ में डंडा लेकर मासूम बच्चे को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहा है, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में बच्चा हाथ जोड़कर माफी मांगता और छोड़ने की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। इस वायरल वीडियो ने लोगों में आक्रोश फैला दिया, और बच्चों में भय का माहौल बन गया।
बच्चों के माता-पिता में आक्रोश
पीड़ित बच्चे के पिता ने पुलिस को सौंपी गई तहरीर में बताया कि उनका बेटा स्कूल से लौटने के बाद खाना खाकर खेलने गया था। उसी दौरान गोदाम मालिक ने उसे और एक अन्य बच्चे को काम पर बुलाया। जब बच्चों ने काम करने से इनकार किया, तो उनके बेटे को बुरी तरह पीटा गया। घटना के बाद बच्चे डरे हुए हैं और घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
घटना का संज्ञान लेते हुए गदरपुर पुलिस ने आरोपी गोदाम मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि मामले में पीड़ित बच्चे के पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े तथ्यों की विवेचना की जा रही है, और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक सवाल
यह घटना बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बच्चों को लालच देकर उनसे काम करवाना, और मना करने पर हिंसा करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह समाज के लिए भी शर्मनाक है। बच्चों के साथ इस तरह के व्यवहार से उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
आवश्यकता सख्त कार्रवाई की
घटना के बाद इलाके में लोग दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह घटना न केवल प्रशासन के लिए एक चेतावनी है, बल्कि समाज को बच्चों के साथ संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने का संदेश भी देती है।

