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Nainital Maa Naina Devi: जहां गिरी थी मां सती की आंख, नवरात्रि में उमड़ रहा भक्तों का सैलाब

नैना देवी मंदिर उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो देवी नैना को समर्पित है। यह मंदिर नैना पहाड़ी पर स्थित है, जहां से चारों ओर के पहाड़ों और नैनी झील का अद्भुत दृश्य देखा जा सकता है। यह एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

Nainital Maa Naina Devi: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर में भक्तजन मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना में लीन हैं। आज नवरात्रि का तीसरा दिन है और इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। इसी क्रम में उत्तराखंड के नैनीताल स्थित मां नयना देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां माता सती की बाईं आंख गिरी थी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान का गहरा संबंध भगवान शिव और माता सती की कथा से है।

नैनीताल में कैसे हुआ मां नयना देवी का प्राकट्य?

पुराणों के अनुसार, देवी सती ने अपने पिता दक्ष प्रजापति द्वारा आयोजित यज्ञ में अपमानित होने पर हवन कुंड में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए थे। इस घटना से भगवान शिव अत्यंत क्रोधित हो उठे और उन्होंने सती के पार्थिव शरीर को उठाकर ब्रह्मांड में विचरण करना शुरू कर दिया। शिव के इस प्रलयंकारी रूप से तीनों लोकों में हाहाकार मच गया, जिससे सृष्टि का संतुलन बिगड़ने लगा। तब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से देवी सती के शरीर के खंड-खंड कर दिए, जिससे उनके अंग अलग-अलग स्थानों पर गिरे और वहां शक्तिपीठों की स्थापना हुई। माना जाता है कि माता सती की बाईं आंख नैनीताल में गिरी, जिससे इस स्थान का नाम ‘नैनीताल’ पड़ा और यहां मां नयना देवी का मंदिर स्थापित हुआ।

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नयना देवी मंदिर की महिमा और मान्यता

मां नयना देवी को नयन रूपी भगवती भी कहा जाता है, जो अपने भक्तों के हर दुख-दर्द को हर लेती हैं। मान्यता है कि इस पवित्र स्थल पर श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं। नयना देवी मंदिर के मुख्य पुजारी, पंडित नवीन तिवारी के अनुसार, मां नयना देवी बिना मांगे ही अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

नवरात्रि में उमड़ रही भक्तों की भीड़

नवरात्रि के शुभ अवसर पर नैनीताल स्थित मां नयना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंदिर के अंदर और बाहर घंटियों की गूंज और भक्तों के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया है। यहां केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि देशभर से आए पर्यटक भी मां के दर्शन करने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। इसके अलावा, नैनीताल के अन्य प्रमुख मंदिरों – पाषाण देवी, गोलू देवता मंदिर, हनुमानगढ़, शीतला देवी और गंगनाथ मंदिर में भी भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है।

मंदिर की पौराणिक और ऐतिहासिक विशेषताएं

मां नयना देवी मंदिर का वास्तुशिल्प भी अत्यंत भव्य और आकर्षक है। इस मंदिर में देवी की तीन मुख्य प्रतिमाएं हैं – बाईं ओर काली मां, मध्य में मां नयना देवी और दाईं ओर मां सरस्वती। मंदिर के अंदर भक्तों को दिव्य ऊर्जा और सकारात्मकता का अनुभव होता है।

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मां नयना देवी की कृपा से दूर होते हैं सारे कष्ट

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां नयना देवी अपने भक्तों की सभी समस्याओं को दूर कर देती हैं। विशेष रूप से, जो व्यक्ति सच्चे मन से माता की आराधना करते हैं, उन्हें जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। इस मंदिर में श्रद्धालु विशेष रूप से नेत्र रोगों से मुक्ति और मानसिक शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष आयोजन

नवरात्रि के दौरान नयना देवी मंदिर में विभिन्न अनुष्ठान और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहां भव्य आरती, जागरण और भजन संध्या का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिसमें प्रसाद वितरण, पंक्तिबद्ध दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम शामिल हैं।

नैनीताल में धार्मिक पर्यटन का केंद्र

नैनीताल को केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में भी देखा जाता है। मां नयना देवी मंदिर के दर्शन के लिए हर साल हजारों भक्त यहां आते हैं। इस मंदिर के अलावा नैनीताल झील, टिफिन टॉप, स्नो व्यू पॉइंट और नैना पीक जैसी जगहें भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।

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नवरात्रि में मां नयना देवी की आराधना का विशेष महत्व

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दौरान भक्त उपवास रखते हैं, मां दुर्गा के भजन-कीर्तन करते हैं और मां की कृपा प्राप्त करने के लिए मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्रि के अवसर पर मां नयना देवी के दर्शन करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

मां नयना देवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और भक्तिभाव का प्रतीक है। नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है, जो मां की असीम कृपा का प्रमाण है। नैनीताल में स्थित यह शक्तिपीठ, केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति के लिए भी प्रसिद्ध है। मां नयना देवी की कृपा से श्रद्धालुओं को सुख, समृद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

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Written By। Mansi Negi । National Desk। Delhi

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