NIA Investigation: दिल्ली ब्लास्ट केस, पूछताछ के बाद मौलाना कासमी रिहा, मोबाइल–लैपटॉप जब्त

NIA Investigation: दिल्ली ब्लास्ट मामले में उत्तराखंड में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा हल्द्वानी और नैनीताल में की गई पूछताछ के बाद तीनों व्यक्तियों को छोड़ दिया गया है, लेकिन जांच एजेंसियों की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। हल्द्वानी के बिलाल मस्जिद के मौलाना आसिम कासमी को देर रात पूछताछ के बाद रिहा किया गया, हालांकि उनका मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिया गया है। मामले में जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा बुलाया जा सकता है।
यह पूरी कार्रवाई उस समय तेज हुई जब दिल्ली में 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल हैं। इस धमाके की जांच एनआईए (NIA) कर रही है और देशभर में छापेमारी अभियान चल रहा है।
हल्द्वानी से हिरासत में लिए गए मौलाना आसिम कासमी, पूछताछ के बाद रिहा
शुक्रवार देर रात केंद्रीय जांच एजेंसियों ने हल्द्वानी बिलाल मस्जिद के मौलाना आसिम कासमी को हिरासत में लिया था। उन पर कुछ संदिग्ध गतिविधियों और देश–विरोधी संगठनों से संपर्क होने का शक जताया गया था। पूछताछ कई घंटों तक चली, जिसके बाद मौलाना देर रात बाहर आए और उन्होंने पूछताछ की पुष्टि की।
हालांकि उन्हें छोड़ दिया गया है, लेकिन एजेंसियों ने जांच के लिए उनका मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियां डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं। यदि जांच में आवश्यकता महसूस होगी, तो मौलाना और उनके सहयोगी को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
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नैनीताल में मस्जिद के इमाम से भी हुई लंबी पूछताछ
इससे पहले एनआईए की टीम ने नैनीताल के तल्लीताल हरीनगर वार्ड में एक मस्जिद के इमाम से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें भी रिहा कर दिया गया। इसके साथ ही उत्तराखंड से दिल्ली ब्लास्ट केस में हिरासत में लिए गए तीनों लोगों – दो हल्द्वानी से और एक नैनीताल से – को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। हालांकि इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां उत्तराखंड में कई तारों की जांच कर रही हैं और सूचनाओं की गहनता से पड़ताल कर रही हैं।
अब तक 8 की मौत, 20 से अधिक घायल
10 नवंबर की शाम भारत की राजधानी दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में भीषण विस्फोट हुआ था।
इस घटना में—
- 8 लोगों की मौत,
- 20 से अधिक घायल,
- और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
हमले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच एनआईए को सौंपी। हादसे में उत्तराखंड का एक युवक भी घायल हुआ था।
एनआईए इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां कर चुकी है और देशभर में छापेमारी मौजूद है।
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उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
दिल्ली ब्लास्ट मामले के बाद उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
देहरादून एसएसपी के निर्देश पर पूरे जिले में तेज चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने की व्यापक चेकिंग
- 1400 से अधिक वाहनों की जांच
- 2700+ व्यक्तियों की पहचान और पूछताछ
- सीमावर्ती चेकपोस्टों पर सघन निरीक्षण
- बाहरी राज्यों से आने वालों का सत्यापन
सीओ स्तर पर नेतृत्व करते हुए पुलिस टीमों ने प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, और शहर की सीमाओं पर सुरक्षा जांच बढ़ा दी है।
पुलिस का उद्देश्य है कि—
- संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रहे,
- किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके,
- और एनआईए की चल रही जांच में स्थानीय पुलिस पूरी सहयोग दे।
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हल्द्वानी और नैनीताल में जांच की गतिविधियां क्यों बढ़ीं?
एनआईए द्वारा दिल्ली ब्लास्ट केस में कई फोन कॉल रिकॉर्ड्स, डिजिटल ट्रेल्स और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर उत्तराखंड में भी कुछ संपर्कों की जांच की जा रही है।
हल्द्वानी और नैनीताल में कुछ लोगों से पूछताछ का कारण—
- कुछ नंबरों का संदिग्ध स्थानों से लोकेशन मिलना,
- डिजिटल एक्टिविटी की जांच,
- और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाना बताया जा रहा है।
हालांकि पूछताछ के बाद तीनों को छोड़ दिया गया है, एजेंसियां अब उनके डिजिटल डेटा की जांच कर रही हैं, जो आगे जांच दिशा तय करेगा।
मौलाना ने कहा—पूछताछ सहयोगात्मक थी
रिहा होने के बाद मौलाना आसिम कासमी ने कहा कि—“पूछताछ लंबी जरूर थी, लेकिन एजेंसियों ने सही तरीके से सवाल किए। मैंने हर जानकारी उपलब्ध कराई है।” उनके बयान से यह स्पष्ट है कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं।
हालांकि एजेंसियां उनके डिजिटल डेटा को खंगालने में जुटी हैं।
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एजेंसियाँ सतर्क, अगली कार्रवाइयों पर निगाहें
दिल्ली ब्लास्ट जैसी गंभीर घटना में देशभर में लगातार कार्रवाई जारी है।
उत्तराखंड में पूछताछ के बाद तीनों व्यक्तियों को छोड़ दिया गया है, लेकिन जांच फिलहाल जारी है।
एजेंसियां फोन रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं।
संभव है कि आने वाले दिनों में कुछ और लोगों से पूछताछ की जाए।

