Shivanand Chaurasia Death: Deoria resident Shivanand Chaurasia who died in an attack near the Hormuz Strait while working as an engine fitter on a Singapore vessel.
Shivanand Chaurasia Death: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिससे पूरा इलाका गम में डूब गया है। शिवानंद चौरसिया की मौत (Shivanand Chaurasia Death) की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। 38 साल के शिवानंद चौरसिया सिंगापुर के जहाज MT सेटेबेलो पर इंजन फिटर का काम करते थे। वह करीब नौ महीने पहले बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए विदेश गए थे।
बताया जा रहा है कि जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पास था, तभी उस पर इलाके में हमला हुआ। इस हादसे में शिवानंद की मौत हो गई। शिवानंद चौरसिया की मौत की पुष्टि के बाद पूरा गांव गम में डूबा हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ने की घटना की पुष्टि (Shivanand Chaurasia Death)
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस दुखद घटना की पुष्टि की। उनके बयान से देश भर में चर्चा छिड़ गई। समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवार के मुताबिक, उन्हें ओमान में भारतीय दूतावास से हादसे की जानकारी मिली। एम्बेसी ने सबसे पहले शिवानंद के छोटे भाई राम प्रवेश चौरसिया से कॉन्टैक्ट किया, जो दुबई में रहते हैं। फिर परिवार को यह दुखद खबर दी गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जैसे ही शिवानंद चौरसिया की मौत (Shivanand Chaurasia Death) की खबर घर पहुंची, परिवार टूट गया। उनकी मां और पत्नी का तो जैसे कुछ पता ही नहीं चला। रिश्तेदार और गांव वाले लगातार दुख जताने आ रहे हैं। शिवानंद परिवार के मुख्य कमाने वाले थे। उनकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था। उनकी अचानक मौत से परिवार इमोशनली और फाइनेंशियली दोनों तरह से टूट गया है।
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आखिरी बातचीत में कही थी जल्द लौटने की बात
शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि उनके बेटे से उनकी आखिरी बात 8 जून को हुई थी। उस दिन शिवानंद ने अपने पिता और पत्नी से फोन पर करीब 20 मिनट बात की थी। उन्होंने उन्हें बताया था कि उनका जहाज ओमान के तट पर लंगर डाले हुए है और जल्द ही भारत लौटने की तैयारी कर रहा है। परिवार उनके घर लौटने की खुशखबरी का इंतजार कर रहा था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद शिवानंद चौरसिया की मौत (Shivanand Chaurasia Death) की खबर ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
गांव में मातम, आंखों में आंसू (Shivanand Chaurasia Death)
देवरिया में शिवानंद के घर पर लगातार लोगों की भीड़ जमा हो रही है। हर कोई इस हादसे पर अपना दुख जाहिर कर रहा है। गांव वालों का कहना है कि शिवानंद एक मेहनती और मिलनसार इंसान थे। उनकी मौत से पूरे इलाके में मातम छा गया है। स्थानीय लोग सरकार से परिवार को हर मुमकिन मदद देने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन भी परिवार के संपर्क में है।
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समुद्री सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर इंटरनेशनल समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। होर्मुज स्ट्रेट को दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है। ऐसे सेंसिटिव इलाकों में काम करने वाले भारतीय नाविकों और क्रू की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
शिवानंद चौरसिया की मौत (Shivanand Chaurasia Death) सिर्फ एक परिवार के लिए पर्सनल ट्रेजेडी नहीं है, बल्कि यह उन हजारों भारतीयों के सामने आने वाली मुश्किलों को भी दिखाती है जो बेहतर भविष्य की तलाश में विदेशों में जोखिम भरे फील्ड में काम करते हैं। आज देवरिया का एक बेटा हमेशा के लिए खामोश हो गया है, लेकिन उसकी कहानी लंबे समय तक लोगों की यादों में जिंदा रहेगी।

