STF Meerut Gallantry Medal 2026: ASP Brijesh Kumar Singh gets his second Medal for Gallantry, while martyr Inspector Sunil Kumar, Deepak Kumar and Sanjay Singh are also honoured for bravery.
STF Meerut Gallantry Medal 2026: स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर उत्तर प्रदेश की एसटीएफ मेरठ यूनिट के जांबाज पुलिसकर्मियों की वीरता को बड़ा सम्मान मिला है। अपराधियों की गोलियों के बीच मोर्चा संभालने, जान की परवाह किए बिना खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम देने और कर्तव्य के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले चार पुलिसकर्मियों को Medal for Gallantry (GM) से सम्मानित किया गया है। इनमें एसटीएफ फील्ड यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह, शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल संजय सिंह (STF Meerut Gallantry Medal 2026) शामिल हैं।
इन चारों पुलिसकर्मियों की वीरता अलग-अलग अभियानों में सामने आई थी। खास बात यह है कि ASP बृजेश कुमार सिंह को दूसरी बार गैलेंट्री मेडल मिला है। वहीं, शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को कुख्यात गैंगस्टर अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में साहस दिखाने के लिए सम्मानित किया गया है। यह पदक केवल वीरता का सम्मान नहीं, बल्कि कर्तव्य के लिए किए गए साहस और बलिदान (STF Meerut Gallantry Medal 2026) की भी पहचान है।
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अनिल दुजाना से मुठभेड़ में दिखाई अदम्य वीरता
एसटीएफ मेरठ यूनिट के शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को 4 मई 2023 को मेरठ के जानी क्षेत्र में हुए एक अहम ऑपरेशन के लिए गैलेंट्री मेडल मिला है। इस अभियान में एसटीएफ टीम का सामना कुख्यात गैंगस्टर अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना से हुआ था।
मुठभेड़ के दौरान टीम ने बेहद जोखिम भरे हालात में मोर्चा संभाला। ऑपरेशन में अनिल दुजाना मारा गया। उसके खिलाफ हत्या, सुपारी लेकर हत्या, रंगदारी और लूट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए थे। ऐसे खतरनाक अपराधी के खिलाफ अभियान में एसटीएफ टीम ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, उसी के लिए शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को वीरता पदक से सम्मानित (STF Meerut Gallantry Medal 2026) किया गया।
शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की बहादुरी को सलाम
इंस्पेक्टर सुनील कुमार आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वर्दी में रहते हुए उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की कहानी हमेशा याद की जाएगी। अपराधियों के सामने डटकर खड़े रहना और अपनी जिम्मेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देना उनके सेवाकाल की पहचान रही। गैलेंट्री मेडल के जरिए उनके योगदान को सम्मान मिलना उन सभी पुलिसकर्मियों के (STF Meerut Gallantry Medal 2026) लिए भी प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं।
भोजपुर ऑपरेशन में एक लाख के इनामी आसिफ से मुठभेड़
एसटीएफ मेरठ यूनिट ने 10 नवंबर 2025 को मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में एक बड़ा ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान टीम का सामना एक लाख रुपये के इनामी अपराधी आसिफ उर्फ टिड्डा और 50 हजार रुपये के इनामी दीनू से हुआ। पुलिस के मुताबिक, दोनों पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर घर पर फायरिंग (STF Meerut Gallantry Medal 2026) करने का आरोप था। एसटीएफ टीम ने घेराबंदी की तो दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हो गई।
इस कार्रवाई में दोनों इनामी अपराधी मारे गए। पुलिस के अनुसार, आसिफ के खिलाफ 66 और दीनू के खिलाफ 23 मुकदमे दर्ज थे। इस ऑपरेशन के दौरान दिखाई गई बहादुरी के लिए ASP बृजेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार (STF Meerut Gallantry Medal 2026) और हेड कांस्टेबल संजय सिंह को गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया है।
बृजेश कुमार सिंह को दूसरी बार मिला गैलेंट्री मेडल
ASP बृजेश कुमार सिंह के लिए स्वतंत्रता दिवस 2026 का यह सम्मान खास महत्व रखता है। उन्हें वीरता के लिए दूसरी बार गैलेंट्री मेडल मिला है। इससे पहले भी वह एक साहसिक STF ऑपरेशन के लिए वीरता पदक हासिल कर चुके हैं। उनका दूसरा गैलेंट्री मेडल 10 नवंबर 2025 के भोजपुर ऑपरेशन में निभाई गई भूमिका के लिए मिला है। इस अभियान में इनामी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान टीम ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ऑपरेशन (STF Meerut Gallantry Medal 2026) को अंजाम दिया था।
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2018 में मिला था पहला गैलेंट्री मेडल
बृजेश कुमार सिंह को पहला गैलेंट्री मेडल साल 2018 में मिला था। 27 अप्रैल 2018 को मेरठ के दौराला क्षेत्र में दुल्हन महविश की हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात के बाद STF ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की थी। 29 मई 2018 को STF को सूचना मिली कि मामले के मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ नरसी उर्फ टाइगर और धीरज मेरठ-करनाल रोड (STF Meerut Gallantry Medal 2026) पर पदम कोल्ड स्टोरेज के सामने स्थित एक खंडहर में छिपे हुए हैं।
सूचना के आधार पर STF टीम ने वहां ऑपरेशन चलाया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में दोनों आरोपी मारे गए। अभियान में दिखाई गई बहादुरी के लिए बृजेश कुमार सिंह को पहली बार गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया था। अब 2025 के भोजपुर ऑपरेशन में साहसिक भूमिका के लिए दूसरी बार गैलेंट्री मेडल मिलने के साथ ही उनके नाम वीरता और कर्तव्यनिष्ठा (STF Meerut Gallantry Medal 2026) का एक और अध्याय जुड़ गया है।
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चार जांबाजों का सम्मान, वर्दी के साहस को सलाम
स्वतंत्रता दिवस पर मिला यह गैलेंट्री मेडल केवल एक पदक नहीं है। यह उन पुलिसकर्मियों की बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान का सम्मान है, जो अपराधियों के सामने सबसे आगे खड़े होकर कानून का मोर्चा संभालते हैं।
STF मेरठ यूनिट के इन चार जांबाजों की वीरता ने एक बार फिर साबित किया है कि वर्दी की असली ताकत सिर्फ हथियारों में नहीं, बल्कि साहस, कर्तव्य और देश के प्रति समर्पण में होती है। शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की बहादुरी से लेकर ASP बृजेश कुमार सिंह को दूसरी बार मिले वीरता पदक तक, यह सम्मान पुलिस बल के उस जज्बे (STF Meerut Gallantry Medal 2026) को सलाम है जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पीछे नहीं हटता।

