Yogi Government Education Scheme 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बच्चों और शिक्षकों के लिए दो बड़े फैसले किए हैं। सरकार अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 10 लाख बच्चों को 1,200-1,200 रुपये देने की तैयारी कर रही है। वहीं, निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे करीब 3 लाख प्राइवेट स्कूल शिक्षकों और उनके परिवार के सदस्यों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
बच्चों को सीधे मिलेंगे 1,200 रुपये
सरकारी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों (Yogi Government Education Scheme 2026) में पढ़ने वाले करीब 10 लाख बच्चों के लिए सरकार जल्द 1,200 रुपये भेजने की तैयारी में है। यह पैसा बच्चों के माता-पिता के बैंक खाते में DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेजा जाएगा।
इस पैसे से बच्चों के लिए स्कूल की जरूरी चीजें खरीदी जा सकेंगी। इसमें स्कूल ड्रेस, जूते-मोजे, बैग और स्टेशनरी जैसी चीजें शामिल हैं। सरकार चाहती है कि बच्चों के पास स्कूल जाने के लिए जरूरी सामान मौजूद रहे और पैसों की कमी की वजह से उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
अभिभावकों के खाते में आएगा पैसा
इस योजना (Yogi Government Education Scheme 2026) में बच्चों को नकद पैसा हाथ में नहीं दिया जाएगा। सरकार सीधे उनके अभिभावकों के बैंक खाते में राशि भेजेगी। इससे पैसा सीधे परिवार तक पहुंचेगा और बीच में किसी दूसरे व्यक्ति की जरूरत नहीं होगी।
शिक्षकों को भी कहा गया है कि वे अभिभावकों को इस पैसे का इस्तेमाल बच्चों की ड्रेस और दूसरी जरूरी स्कूल सामग्री खरीदने के लिए करने के लिए प्रेरित करें। स्कूल में होने वाली पैरेंट्स-टीचर मीटिंग में भी इस बारे में जानकारी दी जाएगी।
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अब प्राइवेट स्कूल के टीचरों को भी कैशलेस इलाज
सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों के बाद अब निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना (Yogi Government Education Scheme 2026) में शामिल करने की तैयारी है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 35 हजार निजी स्कूलों में काम करने वाले लगभग 3 लाख शिक्षकों को फायदा मिल सकता है। केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि योजना के नियमों के अनुसार उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी इसका लाभ देने की तैयारी है।
एक परिवार को 5 लाख रुपये तक का इलाज
इस योजना (Yogi Government Education Scheme 2026) के तहत पात्र शिक्षक परिवार को एक साल में 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकती है। इसका मतलब है कि इलाज के समय पात्रता और तय नियमों के अनुसार अस्पताल में इलाज के लिए पहले बड़ी रकम देने की जरूरत कम होगी। यह सुविधा उन शिक्षकों के लिए काफी मददगार हो सकती है, जिनके परिवार में अचानक कोई बीमार पड़ जाता है और अस्पताल का खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है।
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सरकार ने शिक्षकों का डाटा मांगा
योजना (Yogi Government Education Scheme 2026) को निजी स्कूलों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने अब शिक्षकों का डाटा जुटाना शुरू किया है। प्रदेश के करीब 35 हजार निजी स्कूलों से शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है।
बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों की जानकारी तय पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसमें शिक्षक को अपना और अपने आश्रितों का विवरण पहचान पत्र और दूसरे जरूरी दस्तावेजों के अनुसार देना होगा।
आवेदन की होगी जांच
सिर्फ आवेदन करने से ही योजना (Yogi Government Education Scheme 2026) का लाभ नहीं मिलेगा। शिक्षक की जानकारी की जांच भी होगी।सबसे पहले स्कूल के प्रधानाध्यापक यह देखेंगे कि शिक्षक सही तरीके से नियुक्त है और स्कूल में लगातार काम कर रहा है या नहीं। इसके बाद आवेदन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी यानी BEO के पास जाएगा। वहां जांच के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी यानी BSA स्तर से अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
अगर कोई शिक्षक स्कूल की नौकरी छोड़ देता है, तो इसकी जानकारी विभाग को देनी होगी। इसके बाद उस शिक्षक की योजना से पात्रता खत्म की जा सकती है।
पहले से सरकारी शिक्षकों को भी मिल रही है सुविधा
उत्तर प्रदेश सरकार ने जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना (Yogi Government Education Scheme 2026) शुरू की थी। इसके तहत सरकारी स्कूलों के शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। योजना से करीब 12 लाख लोगों को लाभ मिलने की बात सामने आई थी।
योजना शुरू होने के बाद इसके तहत शिक्षकों को इलाज का लाभ भी मिलना शुरू हुआ। जुलाई में सामने आई जानकारी के अनुसार, शुरुआती 10 दिनों में 142 शिक्षकों के इलाज के लिए प्री-अथॉराइजेशन मंजूर किए गए थे।
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सरकार का क्या है मकसद?
सरकार का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों की सुरक्षा दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। बच्चों को स्कूल की जरूरी चीजों के लिए पैसा मिलने से गरीब और सामान्य परिवारों पर कुछ आर्थिक बोझ कम हो सकता है।दूसरी तरफ शिक्षकों को कैशलेस इलाज मिलने से बीमारी के समय परिवार को बड़ी रकम की चिंता से राहत मिल सकती है। (Yogi Government Education Scheme 2026)
उत्तर प्रदेश के 2026-27 के बजट में भी शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा का प्रावधान किया गया था। बजट में गैर-सरकारी माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी ऐसी योजना शुरू करने का प्रावधान रखा गया था।
बच्चों और शिक्षकों दोनों को राहत
योगी सरकार के इन फैसलों (Yogi Government Education Scheme 2026) का सीधा संबंध शिक्षा से जुड़े दो बड़े मुद्दों से है। एक तरफ सरकारी स्कूल के बच्चों को 1,200 रुपये देकर उनकी ड्रेस और पढ़ाई का जरूरी सामान खरीदने में मदद की जाएगी। दूसरी तरफ निजी स्कूलों के शिक्षकों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की तैयारी है।
फिलहाल निजी स्कूलों के शिक्षकों के लिए डाटा जुटाने और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, सरकारी स्कूलों के करीब 10 लाख बच्चों के अभिभावकों के खातों में 1,200 रुपये भेजने की तैयारी अंतिम चरण में बताई जा रही है। योजना लागू होने के बाद पात्र बच्चों और शिक्षकों को इसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा।

