Pakistan election update: पाकिस्तान में आम चुनाव के बीच मोदी-मोदी
Pakistan election update: पाकिस्तान की सियासत में काफी उलटफेर हो रहा है। 8 फरवरी को पाकिस्तान में आम चुनाव हुए। आमतौर पर चुनाव के बाद देश की जनता नतीज़ों का इंतज़ार करती है और नतीजे आने के बाद नई सरकार का स्वागत करती है। ये प्रक्रिया भले ही जटिल हो लेकिन एक तय सीमा पर जनता को उनकी सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मिल जाती है। देखा जाए तो यही होना भी चाहिए।
यह लोकतंत्र की परिभाषा है। एक राष्ट्र के तौर पर पाकिस्तान के साथ जो हो रहा है वो बिल्कुल ठीक नहीं हो रहा है और इस पूरे प्रकरण में सबसे अधिक जो ठगी जा रही है वो है पाकिस्तान की आवाम। इन सबके बीच एक बार फिर पाकिस्तान की जनता मोदी – मोदी के नारे लगा रही है।पाकिस्तान की आवाम भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाह रहे हैं।
पाकिस्तान आम चुनाव में क्या हुआ है ?
पाकिस्तान में 8 फरवरी को असेंबली और प्रांतीय चुनाव हुए। खबरों की मानें तो 10 फरवरी की सुबह तक नतीज़े आने थे,लेकिन अब तक कोई नतीज़ा नहीं आया है। उधर इमरान खान की पार्टी ने चुनाव की धांधली का आरोप लगाया है। इमरान की पार्टी के अलावा कई विपक्षी पार्टियों ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। इधर बिलावल और नवाज शरीफ की पार्टी ने गठबंधन को लेकर बैठक की है। ऐसे में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान में इस बार गठबंधन की सरकार बनेगी।
पाकिस्तानी मीडिया के रिपोर्ट के मुताबिक, 241 सीटों के नतीजे आ चुके हैं जिसमें इमरान खान की अगुवाई वाली पार्टी PTI 97 समर्थकों से आगे चल रहे हैं। वहीं नवाज शरीफ की पार्टी PML को 72 सीटों पर जीत मिली है। तीसरे नंबर पर बिलावल भुट्टो की पार्टी PPP है जिसके खाते में अबतक 52 सीट आये हैं। बता दें कि अब तक 24 सीटों के नतीज़े नहीं आये हैं इसके बावजूद नवाज शरीफ की पार्टी देश में सरकार बनाने का दावा कर रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि जिस सेना ने कभी इमरान को सत्ता की कुर्सी पर बिठाया था आज वही सेना इमरान को सत्ता से बरखास्त कर रही है।
अब चलिए ज़रा पाकिस्तान की आवाम के हाल जान लेते हैं। और ये भी जान लेते हैं कि पाक की जनता को चुनाव के बीच पीएम मोदी क्यों याद आ रहे हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये बात सामने आ चुकी है कि पाकिस्तानी जनता अपने देशे के नेताओँ से ज्यादा भारत के पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करते हैं। खबरों की मानें तो पाकिस्तान की जनता मोदी को बेस्ट कह रही है। वहां के लोग ये तक कह रहे हैं कि भारत का मुंबई पाकिस्तान के कराची से कहिं अधिक अच्छा है।
पीएम मोदी के बारे में पाकिस्तानी आवाम कहती है कि वह किसी के दवाब में नहीं आते। दूसरे देशों के साथ उनके रिश्ते अच्छे हैं। यहां तक की पाकिस्तानी जनता इस बात को भी मान रही है कि पीएम मोदी ने भारत का नक्शा बदला है। पाकिस्तान की जनता पीएम मोदी की तारीफ कर रही है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता की प्रशंसा कर रही है। उनका मानना है कि पीएम मोदी आम आदमी के फायदे की बात करते हैं, बिना किसी के डर के आम जनता के लिए खड़े होते हैं और इसका सबसे बड़ा कारण है पाकिस्तान द्वारा झेली जा रही देश की खराब और दयनीय स्थिति।
जो जनता से बेहतर कोई नहीं समझ रहा। साल 2023 में पाकिस्तान से कई वीडियो और तस्वीरें सामने आये थे जिनमें देखा गया था कि कैसे पाक की आवाम एक-एक दाने के लिए मोहताज़ हो रही है। वहां महंगाई की मार जनता सहते-सहते पश्त है। पाकिस्तान के बाज़ारों में शाम होते ही ताला लग जाता है। कराची, लाहौर में बाज़ार के शटर गिरा दिए जाते हैं। अब चलिए हम आपको डेटा से समझाते हैं पाकिस्तान की जनता की पीएम मोदी के प्रति लोकप्रियता का कारण। भारत की जीडीपी 3.46 ट्रीलियन डॉलर है। वहीं पाकिस्तान की 376 अरब डॉलर है।
भारत 5 ट्रिलियन की अर्थवयेवस्था का लक्ष्य लेकर चल रहा है तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान कर्ज में डूबा हुआ है। इमरान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान की जीडीपी साल 2018 में 315 अरब डॉलर थी, जो 2022 में गिरकर 264 अरब डॉलर रह गई। विदेशी मुद्रा भंडार की बात करें तो भारत की 600 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की 4.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। भारत की आर्थिक विकास दर 8.4 प्रतिशत है। वहीं पाकिस्तान की 3.6 प्रतिशत है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में पांचवे नंबर पर है लेकिन पाकिस्तान की 25वें नंबर पर।
हमें लगता है इतने सारे कारण काफी हैं पाकिस्तान की जनता को पीएम मोदी से प्रेम करने के लिए।
एक और अहम कारण है पाकिस्तान –बलूचिस्तान के बीच तनातनी। क्षेत्रफल के हिसाब से बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, हालांकि चारों प्रांतों के मुक़ाबले वहां की आबादी सबसे कम है। पाकिस्तान का बलुचिस्तान क्षेत्र प्रकृतिक संसाधनों से माला माल है लेकिन अब भी बलुचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत है। कारण है पाकिस्तान का पूरी तरीके से बलुचिस्तान का विरोध करना। साल 2016 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने बलुचिस्तान का ज़िक्र किया था। इसका बलुचिस्तान के नेताओं ने स्वागत किया तो पाकिस्तान ने इसपर गहरी नाराजगी जताई थी।
आपको बता दें कि बलोच राष्ट्रवादी नेताओं का आरोप है कि पाकिस्तान की केंद्रीय सरकार उनका उत्पीड़न कर रही हैं और उनके अधिकार उन्हें नहीं दे रही है। इतना ही नहीं बलूचिस्तान पाकिस्तानी सेना पर अपहरण, उत्पीड़न और हत्याओं के भी आरोप लगाती रहती है। कुल मिलाके बलुचिस्तान की आवाम पाकिस्तान से सालों से नाराज़ है। अभी कुछ दिनों पहले पाकिस्तान के बलुचिस्तान क्षेत्र और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले की पूरी दुनिया साक्षी है। खैर, पाकिस्तान में अगली सरकार किसकी बनेगी ये तो समय ही बताएगा लेकिन पाकिस्तान की आवाम को प्रधानमंत्री मोदी जैसे पीएम की लालसा सदैव रहेगी ये तो तय है।

