Lok Sabha Election 2024 Highlights Update: बीजेपी ने अलापा मंगलसूत्र का राग, अब गरमा सकती है कि राजनीति! चुनावी मौसम में सबकी अपनी कहानी है। वादों की झड़ी लगी हुई है तो कही नए नए हथकंडे भी अपनाये जा रहे हैं। कहीं कांग्रेस लोगों को रिझाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रही है तो कही बीजेपी नए हथकंडो के साथ चुनावी महफ़िल को गरमाने की कोशोयश कर रही है। जिस तरह का माहौल है उससे लग रहा है कि अंतिम चुनाव तक कई बड़े नारे और हथकंडे अपनाये जा सकते हैं। बड़ी बात तो यही है कि इस बार कोई भी पार्टी कोई चूक करने को तैयार नहीं है। जिस तरह की कहानी सामने दिख रही है उससे चुनाव आयोग को भी परेशानी आ रही है।
बीजेपी की सबसे बड़ी चिंता यह है कि किसी भी तरह चुनावी खेल को गरमाया जाए। चुनावी वातावरण को जमाने के लिए बीजेपी कई तरह की नयी बातें भी करती दिख रही है जिससे चुनाव आयोग भी घबरा गया है। बीजेपी को लग रहा है कि पहले चरण के चुनाव में जिस तरह मतदाता खामोश हो गए थे अगर अगले चरण के चुनाव में भी मतदाता चुप हो गए तो खेल खराब हो सकता है ऐसे में बीजेपी की कोशिश यही है कि नए मुद्दो और नारो के साथ जनता को जगाया जाए और उन्हें घर से बाहर निकलने को मजबूर किया जाए। खासकर हिन्दू मतदाताओं को लेकर बीजेपी कुछ ज्यादा ही परेशान है।
बीजेपी की चिंता यही है कि हिन्दू मतदाता एक साथ बहार नहीं निकल रहे हैं और ऐसा ही होता रहा तो खेल ख़राब भी हो सकता है। बीजेपी की चाहत है कि देश का हिन्दू समाज हिंदुत्व ,राष्ट्रवाद के नाम पर वोट डाले और ऐसा नहीं हुआ तो फिर चुनाव परिणाम कुछ भी हो सकता है। यही वजह है कि बीजेपी के भीतर खलबली है।
पिछले दिनों पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी नजर महिलाओं के मंगलसूत्र पर है। ,स्त्री धन पर है। जिसे कांग्रेस लोगों से लेकर मुसलमानो में बाँट देगी।पीएम मोदी के इस बता के बाद सोशल मीडिया में बहुत सी कहानी सामने आने लगी है। सोशल मीडिया पर अब यही कहा जा रहा है कि मोदी ने चुनाव को गरमा दिया है।
बता दें कि कांग्रेस का घोषणा पत्र पांच अप्रैल को आया था। इसके काफी दिनों बाद बीजेपी का घोषणा पत्र आया। पहले चरण में 102 सीटों पर मतदान हो चुके हैं। कह सकते है कि करीब 20 फीसदी सीटों पर मतदान हुए हैं। पहले चरण के माताड़न में काफी कम वोट पड़े हैं। बीजेपी की यही परेशानी है। अब बीजेपी को लग रहा है कि अगर हालत को नहीं सुधारे हगाये तो कुछ भी हो सकता है और कुछ भी हो सकने की हालत में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती है। पहले चरण के मतदान से जो बीजेपी को फीड बैक मिले हैं वह भी कुछ बेहतर नहीं है। यही वजह है कि बीजेपी अब दूसरे प्लान पर काम कर रही है। बीजेपी को लग रहा है कि अगर दूसरे और तीसरे चरण के चुनाव में मतदाता घर से बाहर निकट हैं और हिन्दू समाज के लोग अधिक से अधिक संख्या में बूथ तक जाते हैं तो अभी भी खेल हो सकता है। सब कुछ सामान्य हो सकता है। यही वजह है कि हिन्दुओं को गोलबंद करने के लिए मंगलसूत्र की नयी कहानी लाई गई है।
पहले चरण में काम मतदान की वजह से ही बीजेपी चिंतित नहीं है। चिंता का कारण कुछ और भी है। पहले चरण के मतदान में जाती के आधार पर वोटिंग कुछ ज्यादा हुए हैं। बीजेपी की यही परेशानी है। बीजेपी जाति के आधार पर वोटिंग नहीं चाहती। बीजेपी हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के नाम पर वोटिंग चाहती है जो अभी तक संभव नहीं हो सका है। हिंदी पट्टी के राज्यों में मोदी के नाम पर वोटिंग नहीं हो पायी है। बिहार ,यूपी ,मध्यप्रदेश और राजस्थान में मोदी के नाम पर वोट नहीं पड़ने की बात की जा रही है। बहुत से उम्मीदवारों से लोगों ने कई सवाल भी किये हैं। उनके कामों का ब्योरा भी माँगा है और यही बीजेपी की सबसे ज्यादा परेशानी है।
बिहार में बीजेपी के अध्यक्ष स्मार्ट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं। चार में से कम से कम दो सीटों पर कुशवाहा समाज का वोट बीजेपी को नहीं जाने की बात की जा रही है। अधिकतर वोट राजद के साथ जाने की बात कही जा रही है। नवादा और औरंगाबाद सीट पर राजद ने कुशवाहा उम्मीदवार को मैदान में उतारा था और राजद को अधिकतर कुशवाहा लोगों के वोट चले जाने की बात सामने आ रही है। बिहार में राजद ने सात कुशवाहा उम्मीदवारों को मैदान में उतार रखा है। इसके साथ ही राजद ने भूमिहार और राजपूत को भी टिकट दिए हैं। इसी वजह से बीजेपी की परेशानी बढ़ी हुई है।
उधर राजस्थान में भी इस बार हिंदुत्व के नाम पर वोटिंग नहीं हुई है। कोई जाट के नाम पर वोट दिया है तो कोई गुर्जर और राजपूत के नाम पर वोटिंग की है। यानी जाति और उम्मीदवार के नाम पर वोटिंग की गई है। बीजेपी की यही बड़ी परेशानी है। यही वजह है कि बीजेपी अब मंगलसूत्र की बात करने लगी है और जनता को यह सन्देश दे रही है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आ गई तो हिन्दुओ के धन को बाँट दिया जाएगा और मुसलमानो को दे दिया जाएगा।