Mahakumbh 2025: महाकुंभ के लिए चलेगी 50 स्पेशल ट्रेन, जानें किसका होगा क्या रूट
Mahakumbh 2025: 50 special trains will run for Mahakumbh, know whose route will be there
Mahakumbh 2025: महाकुंभ हिन्दुओं में एक ऐसा पर्व है जिसमें हर कोई शामिल होना चाहता है। वहीं 2025 में महाकुंभ आने वाला है जिसे लेकर हर एक व्यक्ति काफी खुश है। महाकुंभ में दूर-दूर से लोग शामिल होने आते हैं जिसे लेकर काफी गाड़ियां और ट्रेन की लागत भी होती है इसी बीच एक खबर आई है कि महाकुंभ 2025 से काशी और अयोध्या को जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है और महाकुंभ के दौरान रोजाना 60 से 50 स्पेशल ट्रेनें भी चलेगी जिससे लोगों को काफी राहत मिल सकती है। बता दें की इस स्पेशल ट्रेन के जरिए श्रद्धालु प्रयागराज, काशी के साथ-साथ अयोध्या का भी भ्रमण कर सकते हैं। रेलवे ऑफिसर की मानें तो महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु काशी और अयोध्या भी जाना चाहेंगे उस हिसाब से उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की ओर से सारी तैयारियां चल रही हैं।
डीआरएम एसएम शर्मा सारी तैयारियां करवा रहे हैं जिसे लेकर सुरक्षा और संरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई है। महाकुंभ पूरी दुनिया में प्रचलित है, घूमने पहुंचने वाले अधिकतर श्रद्धालु काशी के विश्वनाथ धाम भी जाते हैं, गंगा आरती में शामिल होते हैं जिससे सड़क और रेल मार्ग से श्रद्धालुओं को आने जाने में काफी दिक्कत होती है। यही कारण है कि सरकार लोगों की सहुलियतके लिए महाकुंभ 2025 में 50 स्पेशल ट्रेन चलवा रही है। इससे यात्रियों को असुविधा नहीं होगी। उत्तर रेलवे के अधिकारियों की मानें तो उनके अनुसार प्रयागराज, काशी में आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री राम के दर्शन के लिए भी जाने वाले हैं इसलिए प्रयागराज, काशी और अयोध्या के बीच ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
लखनऊ-प्रयागराज ट्रेन में बढ़ेगा जेनरल कोच
महाकुंभ को देखते हुए महाकाल एक्सप्रेस में पहली बार जनरल कोच बढ़ाई जा रही है। काशी से लखनऊ और प्रयागराज रूट से आने-जाने के लिए महाकाल एक्सप्रेस में चार जेनरल डब्बें जोड़े जा रहे हैं। ट्रेन संख्या 20414 और 20413 बनारस-इंदौर एक्सप्रेस में चार डब्बे और लगाए जाएंगे। बता दें की काशी महाकाल एक्सप्रेस का संचालन सबसे पहले आईआरसीटीसी की टीम करती थी लेकिन बाद में यह ट्रेन जोनल रेलवे को दे दी गई। जेनरल कोच नहीं होने से यात्रियों को काफी दिक्कत होती थी, इसी वजह से मंगलवार को बनारस से लखनऊ जाने वाली ट्रेन में पहली बार जनरल श्रेणी के चार डब्बे जोड़े गये ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो।