Atal Canteen: पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर दिल्ली के लोगों को बड़ी सौगात मिली है। दिल्ली सरकार ने रविवार, 16 अगस्त को राजधानी में 25 नई Atal Canteens की शुरुआत की। इसके साथ ही दिल्ली में Atal Canteens की कुल संख्या बढ़कर 100 हो गई है। इन कैंटीनों का उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कम कीमत पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
नई कैंटीनों का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू की मौजूदगी में किया। कार्यक्रम में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद समेत कई नेता और अधिकारी मौजूद रहे।
25 नई कैंटीन के साथ संख्या हुई 100
दिल्ली सरकार ने पिछले साल Atal Canteen Scheme की शुरुआत की थी। योजना के तहत राजधानी के अलग-अलग इलाकों में ऐसी कैंटीन स्थापित की जा रही हैं, जहां आम लोगों को बेहद कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
शुरुआत के बाद दिल्ली में 75 Atal Canteens संचालित हो रही थीं। अब 25 नई कैंटीन शुरू होने के बाद इनकी कुल संख्या 100 हो गई है। सरकार के मुताबिक इन कैंटीनों को खासतौर पर उन स्थानों के आसपास स्थापित किया जा रहा है, जहां जरूरतमंद लोगों, श्रमिकों, छात्रों और निम्न आय वर्ग के लोगों की संख्या अधिक है।
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सिर्फ 5 रुपये में पौष्टिक भोजन
Atal Canteen योजना की सबसे खास बात यहां मिलने वाला सस्ता भोजन है। दिल्ली सरकार के अनुसार लोगों को महज 5 रुपये में भोजन की पूरी थाली उपलब्ध कराई जाती है। इस थाली में रोटी, चावल, दाल, सब्जी और अचार शामिल हैं।
सरकार के मुताबिक भोजन की वास्तविक लागत का एक हिस्सा दिल्ली सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करती है। आम नागरिक से सिर्फ 5 रुपये लिए जाते हैं, जबकि करीब 25 रुपये की सब्सिडी सरकार की ओर से दी जाती है।
इस योजना का उद्देश्य केवल सस्ता भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों को नियमित रूप से पौष्टिक खाना उपलब्ध कराना भी है। अस्पतालों, झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों, श्रमिक बस्तियों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास कैंटीन शुरू किए जाने से लोगों को आसानी से भोजन मिलने की उम्मीद है।
इन इलाकों में शुरू हुईं नई Atal Canteens
दिल्ली में रविवार को शुरू की गई 25 नई Atal Canteens को अलग-अलग इलाकों में स्थापित किया गया है। इनमें एसआरएस कॉलोनी टिकरी खुर्द के स्वर्ण जयंती विहार, एसआरएस कॉलोनी होलंबी खुर्द, मुंशी राम जेजे क्लस्टर के पास मुखर्जी नगर-तिमारपुर, विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन तिमारपुर और आजादपुर मंडी के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अलावा अदरक मार्केट शेड, एपीएमसी पार्क के पास किशाल भवन, गुरु तेग बहादुर कॉलोनी, सरदार कॉलोनी और सेक्टर-16 रोहिणी समेत कई अन्य स्थानों पर भी नई कैंटीन शुरू की गई हैं।
इन स्थानों का चयन लोगों की जरूरत और क्षेत्र में आने-जाने वाली आबादी को ध्यान में रखकर किए जाने की बात कही गई है।
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सीएम रेखा गुप्ता ने कहा- संकल्प हुआ पूरा
नई Atal Canteens के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे सरकार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो संकल्प लिया था, उसे पूरा किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार Atal Canteen की शुरुआत जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अब 100 कैंटीन तैयार हो चुकी हैं और इनका संचालन लगातार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि जरूरतमंद लोगों को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े। इसके लिए अलग-अलग झुग्गी बस्तियों, क्लस्टर और अस्पतालों के आसपास कैंटीन शुरू की गई हैं।
अब तक 3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया भोजन
सीएम रेखा गुप्ता ने दावा किया कि Atal Canteen योजना के तहत अब तक 3 करोड़ से अधिक लोग भोजन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को केवल 5 रुपये में खाना उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने छात्रों को भी इस सुविधा का लाभ उठाने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को भोजन को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कई शैक्षणिक और छात्र बहुल क्षेत्रों के आसपास भी Atal Canteens शुरू की जा रही हैं।
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अटल बिहारी वाजपेयी को किया गया याद
16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसी अवसर पर दिल्ली में नई Atal Canteens का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक जीवन और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए भी वाजपेयी की अलग पहचान थी और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की सेवा की।
सरकार ने Atal Canteen योजना को उनके नाम से जोड़ते हुए जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने की पहल को सामाजिक कल्याण से जोड़ा है।
गरीबों के विकास के बिना विकसित भारत अधूरा
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब गरीब और जरूरतमंद लोग भी विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनें।
उन्होंने कहा कि विकास केवल बड़े हाईवे, एक्सप्रेसवे और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं होना चाहिए। विकास की वास्तविक तस्वीर दिल्ली की गलियों और आम लोगों के जीवन में बदलाव से दिखाई देनी चाहिए।
मंत्री के अनुसार Atal Canteen जैसी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत देने का काम करती हैं। सरकार का प्रयास है कि जरूरतमंद परिवारों को कम कीमत पर भोजन जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध हो।
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100 कैंटीन का लक्ष्य हुआ पूरा
25 नई Atal Canteens शुरू होने के साथ दिल्ली सरकार ने 100 कैंटीन का लक्ष्य पूरा कर लिया है। सरकार का दावा है कि इस योजना से बड़ी संख्या में श्रमिकों, छात्रों, गरीब परिवारों और अन्य जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल रहा है।
आने वाले समय में इन कैंटीनों के संचालन, भोजन की गुणवत्ता और लोगों तक इसकी पहुंच को बनाए रखना सरकार के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। फिलहाल, अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर शुरू हुई 25 नई कैंटीनों के साथ दिल्ली में सस्ती और पौष्टिक भोजन व्यवस्था का दायरा और बढ़ गया है।

