Bhopal News: "हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं, भारत की पहचान है", तूर्यनाद महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ऐलान

Bhopal News: भोपाल की एक शाम, जो सिर्फ एक महोत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रभाषा के प्रति जनजागरण का प्रतीक बन गई। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के सभागार में बैठे हर व्यक्ति की आंखों में उम्मीद थी और दिल में गर्व—क्योंकि मंच पर थे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जो हिन्दी को वैश्विक मंच पर भारत की आवाज़ बता रहे थे। लेकिन इस आयोजन में एक ऐसा पल भी आया, जब मुख्यमंत्री ने दिव्यांग छात्र राजा पटेल के साथ सेल्फी ली, और सभागार तालियों की गूंज से भर गया।
हिन्दी – भारत की आत्मा और पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी आज सिर्फ भारत की भाषा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की पहचान बन गई है। चाहे संयुक्त राष्ट्र हो या जी-20, प्रधानमंत्री हिन्दी में बोलकर भारत के स्वाभिमान को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिन्दी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि आत्मीयता और राष्ट्र की भावना की अभिव्यक्ति है। यह सभी भारतीय भाषाओं से जुड़ने की कड़ी है और मातृभाषा के समान आदर की अधिकारी है।
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हिंदी का स्वर्णिम युग – शिक्षा, चिकित्सा और तकनीकी में नई पहचान
सीएम ने कहा कि शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत अब राज्य के विश्वविद्यालयों में विभिन्न पाठ्यक्रम हिन्दी में संचालित किए जा रहे हैं। पहले जहां विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाना पड़ता था, वहीं अब प्रदेश में बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खुल रहे हैं, और चिकित्सा शिक्षा भी हिन्दी में दी जा रही है।
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तूर्यनाद महोत्सव – संस्कृति, नैतिकता और उत्तरदायित्व का संगम
मुख्यमंत्री ने ‘तूर्यनाद-25’ को केवल एक कला महोत्सव नहीं, बल्कि हिन्दी और भारतीय संस्कृति के नवजागरण का उद्घोष बताया। उन्होंने तूर्यनाद आयोजन समिति को मुख्यमंत्री निवास में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निमंत्रण भी दिया।
आरएनटीयू के कुलगुरू डॉ. संतोष चौबे ने बताया कि आज विश्व के 100 देशों में हिन्दी बोली जाती है और 150 से अधिक विश्वविद्यालयों में इसका अध्ययन हो रहा है। आयोजन समिति की संयोजिका सविता दीक्षित ने कहा कि यह महोत्सव विद्यार्थियों में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के विकास का माध्यम बन रहा है।
विद्यार्थियों का उत्साह, तूर्यनाद की गूंज
छात्र परिषद अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस आयोजन में उपस्थित थे। तूर्यनाद महोत्सव अब एक ऐसा मंच बन चुका है, जहाँ युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है और राष्ट्रभाषा के महत्व को समझती है।

