Bihar Chunav 2025: महागठबंधन में महाभारत! राहुल की यात्रा से कन्नी काट रहें तेजस्वी, जानिए अंदर की बात

Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र महागठबंधन में सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर खींचतान बढ़ती जा रही है। कांग्रेस अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता को भुनाने और लोकसभा चुनाव के बाद बढ़ी अपनी स्थिति का लाभ लेने की कोशिश कर रही है, वहीं आरजेडी सबसे बड़े दल के रूप में अपनी हिस्सेदारी और जीत सुनिश्चित करना चाहती है। इस खींचतान से गठबंधन के भीतर दरार का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन फिलहाल दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व में समाधान निकालने की कोशिश जारी है।
राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान सभी महागठबंधन नेताओं की उपस्थिति ने गठबंधन को मजबूती दी है, लेकिन सीट बंटवारे और सीएम फेस को लेकर कांग्रेस और आरजेडी के बीच मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या दोनों दल आपसी सहमति से कोई समाधान निकाल पाएंगे या यह आंतरिक कलह गठबंधन को कमजोर कर देगी।
कांग्रेस की आक्रामक दावेदारी
कांग्रेस इस बार बिहार में अपने को आरजेडी का पिछलग्गू बनाए रखने से बचना चाहती है। 2020 के चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन में 70 सीटें मिली थीं, लेकिन अधिकांश कमजोर सीटें मिलने की वजह से स्ट्राइक रेट खराब रहा। अब कांग्रेस ने उप मुख्यमंत्री पद और बेहतर सीट बंटवारे की शर्तें रखी हैं। पार्टी का कहना है कि यह कदम उसकी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने और गठबंधन में बराबरी की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
आरजेडी का कड़ा रुख
आरजेडी ने भी सीट बंटवारे और सीएम फेस को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। तेजस्वी यादव ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया और स्पष्ट किया कि गठबंधन में आरजेडी सबसे बड़ा दल है। उन्होंने कांग्रेस को संकेत दिया कि वह अपनी स्थिति कमजोर नहीं होने देगी। 2020 के खराब स्ट्राइक रेट और कांग्रेस की चुप्पी ने आरजेडी को सतर्क कर दिया है।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा का प्रभाव
राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने कांग्रेस में नया जोश भरा है। यात्रा में महागठबंधन के सभी शीर्ष नेता मौजूद रहे और तेजस्वी यादव लगातार 16 दिन उनके साथ रहे। यात्रा में उमड़ी भीड़ ने कांग्रेस को आत्मविश्वास दिया और गठबंधन पर दबाव बनाने की क्षमता बढ़ाई। कांग्रेस अब अधिक आक्रामक शर्तें रख रही है, जिससे गठबंधन में तनाव बढ़ गया है।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
गठबंधन में संभावित दरार
महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर आरजेडी और कांग्रेस के अलावा वाम दल और अन्य छोटे दल भी अपनी मांगें पेश कर रहे हैं। ऐसे में सभी दलों को संतुष्ट करना आसान नहीं है। हालांकि, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ही अंतिम फैसला लेंगे। दोनों जानते हैं कि एकजुट होकर ही एनडीए को हराया जा सकता है। बावजूद इसके, कांग्रेस की आक्रामकता और अलग से रणनीति बनाने की कोशिश से गठबंधन में दरार की संभावना खड़ी हो गई है।

