Bihar Politics News: कांग्रेस का ‘बीड़ी’ तंज, लेकिन PM मोदी ने दिया गर्व भरा ‘BIHAR’ फुल फॉर्म… ऐसे ही बनता है चुनावी नैरेटिव!
Bihar Politics News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस एक बार फिर विवादों में घिर गई है। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में पीएम मोदी और उनकी मां पर अपशब्दों का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब केरल कांग्रेस के ट्वीट ने सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। ट्वीट में बिहार की तुलना ‘बीड़ी’ से की गई, जिसने न सिर्फ बिहारियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई बल्कि कांग्रेस की मानसिकता पर भी सवाल खड़े कर दिए।
इसी बीच लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वो बयान याद कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने ‘BIHAR’ का फुल फॉर्म बताते हुए बिहार को गर्व और सम्मान से जोड़ा था। मोदी के शब्दों ने जहां हर बिहारी का सीना चौड़ा किया, वहीं कांग्रेस नेताओं की बार-बार की गई अपमानजनक टिप्पणियों ने उसे घेरने का काम किया है।
कांग्रेस का ‘बीड़ी-बिहार’ ट्वीट और विवाद
केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा – “बीड़ी और बिहार, दोनों ‘बी’ से शुरू होते हैं। अब इसे पाप नहीं माना जा सकता।” इस ट्वीट के साथ एक GST स्लैब टेबल भी साझा किया गया। जैसे ही यह पोस्ट सामने आया, बीजेपी ने इसे बिहार और बिहारियों का अपमान करार दिया। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसका स्क्रीनशॉट शेयर कर कांग्रेस की सोच पर सवाल उठाए।
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पीएम मोदी का ‘BIHAR’ फुल फॉर्म बना गर्व का प्रतीक
इसके उलट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार को गर्व और सम्मान से जोड़ा। बिहार की एक सभा में उन्होंने कहा था:
B – Bountiful (समृद्ध बिहार)
I – Incredible (अद्भुत बिहार)
H – Honest (ईमानदार बिहार)
A – Aspirational (महत्वाकांक्षी बिहार)
R – Resourceful (संसाधन संपन्न बिहार)
मोदी ने इस फुल फॉर्म के जरिए बिहार की संस्कृति, संसाधन और लोगों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बिहार देश की प्रगति का प्रतीक है और यहां के लोग राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
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कांग्रेस नेताओं के अपमानजनक बयान
कांग्रेस की यह पहली गलती नहीं है। बीते सालों में उसके कई नेताओं ने बिहार और बिहारियों को लेकर विवादित टिप्पणियां की।
मल्लिकार्जुन खरगे: 26 जून को बिहार को “छोटा-मोटा राज्य” कहकर संबोधित किया।
रेवंत रेड्डी: दिसंबर 2023 में कहा, “तेलंगाना का डीएनए बिहार के डीएनए से बेहतर है।”
सुखपाल सिंह खैरा: मई 2024 में प्रवासी बिहारी मजदूरों को लेकर कहा कि पंजाब में उन्हें कुछ अधिकारों से वंचित किया जाना चाहिए।
प्रियंका गांधी और चरणजीत चन्नी: फरवरी 2022 की रैली में “यूपी-बिहार के भइयों को पंजाब में फटकने नहीं देना” वाला बयान, जिस पर प्रियंका ने हंसते हुए तालियां भी बजाई। सुखविंदर सिंह सुक्खू: हिमाचल में आई आपदा के लिए बिहारी मजदूरों को जिम्मेदार ठहराया।
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कांग्रेस को हो रहा राजनीतिक नुकसान
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान कांग्रेस के लिए नुकसानदेह साबित हो रहे हैं। जहां प्रधानमंत्री मोदी बिहार को लगातार सम्मान और गौरव की दृष्टि से प्रस्तुत कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियां पार्टी की नकारात्मक छवि बना रही हैं। यही कारण है कि बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति पर ही उसके अपने नेता पानी फेरते दिख रहे हैं।

