G RAM G Rural Employment Scheme: 'G RAM G’ पर सियासी संग्राम, कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ’ के जवाब में बीजेपी का देशव्यापी अभियान
G RAM G Rural Employment Scheme: ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ‘G RAM G’ के खिलाफ कांग्रेस द्वारा शुरू किए जा रहे अभियान की काट के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कमर कस ली है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज इस कानून को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई, जिसमें पार्टी और सरकार के शीर्ष नेता शामिल हुए।
इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन, संगठन महासचिव बी.एल. संतोष के साथ-साथ सभी एनडीए और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा, सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महासचिव भी बैठक में भाग लिया।
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शिवराज सिंह चौहान देंगे विस्तृत प्रेजेंटेशन
बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ‘G RAM G’ कानून पर विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया। इसमें योजना के उद्देश्यों, इसके लाभ और मनरेगा की तुलना में इसके प्रभावी पहलुओं को प्रमुखता से रखा गया।
जानकारी के मुताबिक इस बैठक में राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए कि वे ‘G RAM G’ बनाम मनरेगा की तुलना करते हुए जनता को जागरूक करें। खास तौर पर यह बताया गया कि किस तरह यह नया कानून ग्रामीण इलाकों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और गरीबी उन्मूलन में अधिक कारगर साबित होगा।
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कांग्रेस के ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान का जवाब
दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने 5 जनवरी को पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ चलाने का ऐलान किया है। बीजेपी इसे भ्रामक दावों पर आधारित मान रही है और इसी वजह से जवाबी रणनीति के तहत देशव्यापी अभियान शुरू करने जा रही है।
बीजेपी का दावा है कि ‘G RAM G’ कानून लाने की वजह मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार, खामियां और सीमित रोजगार दिवस हैं। पार्टी नेताओं को यह संदेश दिया जाएगा कि वे जनता को इस बदलाव की आवश्यकता स्पष्ट रूप से समझाएं।
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देशभर में होगा जनसंपर्क अभियान
बीजेपी पूरे देश में बड़े स्तर पर अभियान चलाएगी, जिसमें केंद्रीय मंत्री, पार्टी महासचिव और राज्यों के वरिष्ठ मंत्री हिस्सा लेंगे। इस दौरान किसान और मजदूर सम्मेलन, प्रेस कॉन्फ्रेंस, सेमिनार और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य कांग्रेस के दावों का तथ्यात्मक जवाब देकर जनता तक सही तस्वीर पहुंचाना है।
क्या है ‘G RAM G’ कानून
यह बिल संसद ने 19 दिसंबर 2025 को पास किया था, जबकि लोकसभा ने इसे 18 दिसंबर 2025 को मंजूरी दी थी। इस कानून के तहत हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन की मजदूरी वाली नौकरी की गारंटी दी गई है, जो पहले 100 दिन थी।
कानून के सेक्शन 22 के अनुसार, केंद्र और राज्यों के बीच फंड शेयरिंग पैटर्न 60:40 होगा। वहीं उत्तर-पूर्वी, हिमालयी राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह अनुपात 90:10 रखा गया है। विपक्षी दल इस कानून का विरोध कर रहे हैं।

