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CM Yogi News: यूपी में गोसंरक्षण की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गौ संरक्षण और गौ पालन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में ला खड़ा किया है।

CM Yogi News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गौ संरक्षण और गौ पालन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में ला खड़ा किया है। प्रदेश में गोवंश संरक्षण और उनकी देखरेख के लिए व्यापक स्तर पर योजनाओं को लागू किया जा रहा है, जो न केवल गौ कल्याण सुनिश्चित करती हैं, बल्कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देती हैं।

उत्तर प्रदेश (uttar pradesh) में कुल 6,708 ग्रामीण गो-आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी स्थलों पर गोवंश की देखभाल के लिए 100% टैग्ड गोचर भूमि (Tagged pasture land) का उपयोग किया गया है, जो 9,091.21 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली हुई है। इस भूमि में हरित चारा उत्पादन को प्राथमिकता दी गई है, जिससे गोवंश के पोषण की समस्या को दूर किया जा सके।

टैग्ड गोचर भूमि में से 5,465.93 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर हरित चारा बोया गया है, जो कुल क्षेत्रफल का 60.12% है। इसमें 1,007.99 हेक्टेयर क्षेत्र में नेपियर घास की खेती की गई है। जबकि, 4,457.93 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर बरसीम और ज्वारी चारे का उत्पादन हुआ है। यह कार्य मवेशियों के लिए पौष्टिक आहार की गारंटी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रदेश में सर्वाधिक गो-आश्रय स्थल जनपद महोबा (266) उन्नाव (291), बदायूं (297) चित्रकूट (306), बांदा (309) हमीरपुर (319), हरदोई (357), जालौन (396), में हैं, जहां बड़े पैमाने पर हरे चारे का उत्पादन किया जा रहा है।

योगी सरकार ने किसानों को ज्वारी चारा बीज का वितरण करते हुए 7,404.41 क्विंटल बीज का आवंटन जिलों में किया है। साथ ही, 810.80 क्विंटल प्रमाणित बरसीम चारा बीज भी प्रदान किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य गो-आश्रय स्थलों को चारा उत्पादन के लिए आत्मनिर्भर बनाना और किसानों को चारे की खेती के लिए प्रेरित करना है।

गोवंश आधारित जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को नेपियर रूट स्लिप्स (जड़ें) का भी वितरण किया जा रहा है। अब तक 35 लाख जड़ों का आवंटन किया जा चुका है। इससे न केवल जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

योगी सरकार के इन प्रयासों से न केवल गोवंश को संरक्षित करने में सफलता मिली है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी साबित हो रहा है। गो-आश्रय स्थलों से मिलने वाला गोबर और मूत्र जैविक खाद के रूप में उपयोग हो रहा है, जिससे किसानों को सस्ते और प्रभावी उर्वरक मिल रहे हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार का प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और सतत विकास के लक्ष्य को भी साकार कर रहा है।

Written by । Prachi chaudhary । National Desk

2020.. पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद प्राची चौधरी पिछले 3 साल से एंटरटेनमेंट पत्रकार हैं। फिल्मी कीड़ा होना न केवल उनके पेशे का हिस्सा है, बल्कि उनका जुनून भी है। साथ ही, बॉलीवुड और टीवी की शौकीन, उनके पास दिलचस्प गपशप और सेलेब्स के बारे में जानकारियों का पिटारा है। वह इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि वेबसाइट पर आने वाले रीडर्स क्या देख रहे हैं। बाकी 'जर्नलिस्ट बनी ही इसलिए ताकि दुनिया के दिल के करीब रहूं।'

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Written by । Prachi chaudhary । National Desk

2020.. पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद प्राची चौधरी पिछले 3 साल से एंटरटेनमेंट पत्रकार हैं। फिल्मी कीड़ा होना न केवल उनके पेशे का हिस्सा है, बल्कि उनका जुनून भी है। साथ ही, बॉलीवुड और टीवी की शौकीन, उनके पास दिलचस्प गपशप और सेलेब्स के बारे में जानकारियों का पिटारा है। वह इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि वेबसाइट पर आने वाले रीडर्स क्या देख रहे हैं। बाकी 'जर्नलिस्ट बनी ही इसलिए ताकि दुनिया के दिल के करीब रहूं।'

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