Constable dies after being shot in Mathura, mourning spread in the family
मथुरा के सदर बाजार थाना क्षेत्र में दारू पार्टी के दौरान हुए विवाद के बाद गोली लगने से घायल हुए सिपाही की मौत हो गई। सिपाही अजीत (27) पुत्र कमल सिंह, जो कि बदायूं पुलिस लाइन में तैनात था, ने जयपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है, और स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
घटना का विवरण
यह घटना 7 सितंबर की रात को मथुरा के सदर बाजार थाना क्षेत्र के टैंक चौराहे पर हुई थी, जब सिपाही अजीत अपने पड़ोसियों के साथ शराब पार्टी कर रहा था। बताया जा रहा है कि 20 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर उसका विवाद पड़ोसी नीरज चौधरी से हुआ था। पहले भी दोनों के बीच इसी मुद्दे को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसे परिवारवालों ने समझा-बुझाकर शांत करा दिया था।
हालांकि, समझौता होने के बाद भी दोनों के बीच तनाव बना रहा। 7 सितंबर की रात को अजीत अपने चचेरे भाई नीरज, रिश्तेदार अमित और साथी अनिल के साथ शराब पीने निकला। शराब पार्टी के दौरान पुनः विवाद भड़क गया और इसी बीच अजीत ने नीरज चौधरी को थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद, विवाद और बढ़ गया। नाराज होकर अनिल ने तमंचा निकाला और अजीत के गले में गोली मार दी। गोली लगने के बाद अजीत गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर मौजूद सभी आरोपी फरार हो गए।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
गोली लगने के तुरंत बाद, अजीत को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। पहले उसे आगरा के अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन उसकी हालत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर के अस्पताल में कई दिनों तक इलाज चलता रहा, लेकिन रविवार की दोपहर अजीत ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
अजीत की मौत की खबर सुनकर परिवार में मातम छा गया। परिवारवालों ने बताया कि अजीत छुट्टी पर 5 सितंबर को घर आया था और इस दौरान ही यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। अजीत की मौत के बाद घर में सन्नाटा पसरा हुआ है, और परिजन सदमे में हैं।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद मथुरा पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। थाना प्रभारी संजीव कुमार दुबे ने बताया कि घटना के तुरंत बाद ही मुख्य आरोपियों में से नीरज और अमित को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी रखी और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में सभी आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश
अजीत की मौत से न केवल उसका परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की है। अजीत के परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक मामूली विवाद इस तरह के खूनी संघर्ष में बदल जाएगा। परिवार का दर्द और गहरा हो गया है, क्योंकि अजीत की मौत उनके लिए एक बड़ा आघात है।
परिजनों का कहना है कि अजीत एक ईमानदार और मेहनती पुलिसकर्मी था, जिसे किसी भी तरह के विवाद से दूर रहना पसंद था। उसके साथ हुए इस हादसे ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

