Delhi News: AAP MLA Naresh Balyan's troubles increased, as soon as he got bail in extortion case, police arrested him in MCOCA case
Delhi News: दिल्ली पुलिस ने बुधवार को आप विधायक नरेश बालियान को मकोका मामले में हिरासत में लिया, जबकि अदालत ने कथित जबरन वसूली के मामले में उन्हें जमानत दे दी।
आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बालियान को कथित जबरन वसूली के मामले में बुधवार को अदालत से राहत मिली लेकिन तुरंत ही वह मकोका केस में अरेस्ट कर लिए गए। राउज एवेन्यू स्थित अदालत ने नरेश बालियान को जमानत दी लेकिन दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के मामले में उनको गिरफ्तार कर लिया। 30 नवंबर को क्राइम ब्रांच ने जबरन वसूली के एक मामले में बालियान को हिरासत में लिया था।
बता दें कि अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पारस दलाल की अदालत ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक नरेश बालियान की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई की। दिल्ली पुलिस ने उनको जबरन वसूली के मामले में उनकी तीन दिन की हिरासत की अवधि खत्म होने पर कोर्ट के समक्ष पेश किया।
दिल्ली पुलिस ने अदालत से आरोपी नरेश बालियान को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। दिल्ली पुलिस ने कहा कि आरोपी बालियान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए। इसके साथ ही पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दर्ज एक अन्य मामले में बालियान की दोबारा गिरफ्तारी मांगी।
अदालत ने आरोपी नरेश बालियान की जमानत याचिका, न्यायिक हिरासत की मांग वाली पुलिस की याचिका और जबरन वसूली मामले में उनकी आवाज का नमूना लेने की अनुमति दिए जाने की मांग के साथ ही मकोका के तहत दर्ज एक अन्य मामले में गिरफ्तारी की मांग पर सुनवाई की।
इससे पहले अदालत ने आरोपी बालियान को जबरन वसूली मामले में दो दिन की पुलिस रिमांड पर पूछताछ के लिए भेजा था। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने बीते शनिवार को दिल्ली के उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बालियान को पूछताछ के लिए आरके पुरम स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में बुलाया था। हालांकि पूछताछ के बाद उनको गिरफ्तार कर लिया गया था।
दिल्ली पुलिस ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि बलियान ने जांच में भाग लेने से इनकार कर दिया है। उनसे जबरन वसूली करने वाले संगठन में अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में जानकारी हासिल की जानी चाहिए। पुलिस की दलील थी कि पूरी साजिश का पता लगाने के लिए बालियान को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी जरूरी है। उनकी आवाज के नमूने की जरूरत है ताकि गैंगस्टर से बातचीत की कथित ऑडियो क्लिप की जांच की जा सके।

