UP Saharanpur News: Innocents can lose their lives anytime in property disputes
UP Saharanpur News: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बेहतर पुलिस सेवा देने के लाख दावे करते है , पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. उच्च अधिकारी तो पीड़ितों की बात सुनते हैं और हर संभव उन्हें मदद दिलाने की भी बात करते हैं पर थानेदार चौकी इंचार्ज सिपाही पीड़ितों की सुनवाई न करते हुए ही थाने से भगाया जाता है.
ऐसा ही एक मामला सहारनपुर के थाना मंडी क्षेत्र टोपियां सराय का सामने आया हैं जहा माता पिता अपने तीन मासूमों को लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और एसएसपी को शिकायती पत्र देकर गुहार लगाई कि उसकी पत्नी और बच्चों की जान को खतरा हे, युवक नईम ने बताया कि, परिवार में चार भाई हे एक बहन है ओर बहन ने लड़ाई झगड़ा कर तीनो मेरे भाइयों को घर से निकाल दिया ताकि पूरी संपति पर कब्जा कर सके.
मैं और मेरी पत्नी तीन मासूम उसी घर में रहते हे , लगातार वह लड़ाई झगड़ा करती आ रही है जब मने उसे पूछा कि क्यों कर रही झगड़ा और क्या चाहती हो तो उसने कहा कि घर से निकलो और उसी बीच उसने कैची से मेरे ऊपर वार कर दिया जो मेरे हाथ कट गया और मेरे बच्चों ओर पत्नी के बीच भी कैची लेकर दौड़ी बामुश्किल अपनी जान बचा कर वाह से निकले हे, दो दिन पहले भी थाने गए पर कोई सुनवाई नहीं हुई.
हनी जाते थे हम अपने घर पर नहीं जा रहे बच्चे डर रहे अपनी रिश्तेदारों के यहां रह रहे पुलिस के पास कई बार जा चुके उल्टा पुलिस हमें ही जेल भेजने की धमकी दे रही है,अगर मेरे पीछे मेरे बच्चों की जान उसने ले ली तो कौन इसका जिम्मेदार होगा बच्चे ओर ने उसके हमले से सहमे हुवे हे डर लगता हे घर जाने से जनसुनवाई में भी शिकायत की पर कोई समाधान नहीं हुआ . एसएसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की एसएसपी साहब से आश्वासन मिला हैं

