Developed India Vision: 7 Big Targets Set by PM Modi for 2047
Developed India Vision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ कई बड़े और मापने योग्य टारगेट सामने रखे हैं। स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और बैंकिंग तक भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत करने का रोडमैप बताया। इस विजन में देश की कंपनियों को दुनिया की शीर्ष कंपनियों की सूची में पहुंचाने से लेकर परमाणु ऊर्जा क्षमता में कई गुना बढ़ोतरी तक के (Developed India Vision) लक्ष्य शामिल हैं।
पीएम मोदी के विकसित भारत विजन के तहत भारत का लक्ष्य Fortune Global 500 में 50 भारतीय कंपनियों को शामिल करना है। इसके अलावा एक भारतीय बैंक को दुनिया के टॉप-5 बैंकों में पहुंचाने और 2047 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक ले जाने की योजना है। AI, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, डिफेंस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन (Developed India Vision) को भी भारत की भविष्य की विकास रणनीति में अहम स्थान दिया गया है।
Fortune Global 500 में 50 भारतीय कंपनियों का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की Fortune Global 500 सूची में अपनी मौजूदगी तेजी से बढ़ानी होगी। लक्ष्य है कि 50 भारतीय कंपनियां इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हों। 2025 की Fortune Global 500 सूची में भारत की 9 कंपनियां जगह बना पाई थीं। इनमें Reliance Industries 88वें स्थान के साथ (Developed India Vision) भारत की सबसे ऊंची रैंक वाली कंपनी रही। इसके बाद LIC 95वें और Indian Oil 127वें स्थान पर रही।
इसके अलावा SBI, ONGC, HDFC Bank, Tata Motors, BPCL और ICICI Bank भी Fortune Global 500 में शामिल थीं। इस तरह 9 कंपनियों से 50 कंपनियों तक पहुंचने के लिए भारत को अपनी वैश्विक कॉरपोरेट मौजूदगी पांच गुना से अधिक बढ़ानी होगी। यह लक्ष्य भारतीय कंपनियों के विस्तार, निवेश और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई दिशा दे (Developed India Vision) सकता है।
दुनिया के टॉप-5 बैंकों में भारतीय बैंक
विकसित भारत के विजन में बैंकिंग सेक्टर के लिए भी बड़ा लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक भारतीय बैंक को दुनिया के शीर्ष पांच सबसे बड़े बैंकों में शामिल करने की बात कही है। अप्रैल 2026 की S&P Global Market Intelligence रैंकिंग में चीन का Industrial and Commercial Bank of China शीर्ष पर था। इसके बाद भी चीन के कई बड़े बैंक मौजूद थे। भारत का सबसे बड़ा बैंक SBI इस रैंकिंग में टॉप-5 से काफी पीछे है। ऐसे में भारतीय बैंक को दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में पहुंचाने के (Developed India Vision) लिए बैंकिंग कारोबार के आकार, पूंजी, वैश्विक विस्तार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में बड़ा विस्तार करना होगा।
2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता
ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। भारत 2047 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक पहुंचाना चाहता है। 31 जुलाई 2026 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता करीब 8.78 GW थी। सरकार का लक्ष्य इसे 2031-32 तक 22.38 GW और 2047 तक 100 GW तक ले जाना है।
इसका मतलब है कि मौजूदा क्षमता की तुलना में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को 11 गुना से अधिक बढ़ाना होगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। परमाणु ऊर्जा क्षमता में यह विस्तार भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से (Developed India Vision) भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर भी केंद्र सरकार ने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने की बात कही है। सरकार पहले ही IndiaAI Mission के तहत YUVA AI for All कार्यक्रम शुरू कर चुकी है। इसका उद्देश्य देश के लोगों को AI की बुनियादी जानकारी और इसके इस्तेमाल से परिचित कराना है। यह कार्यक्रम 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। 8 जुलाई तक इस पहल के तहत 85.27 लाख लोगों का नामांकन (Developed India Vision) हो चुका था। ऐसे में सरकार का लक्ष्य अगले चरण में AI स्किलिंग को बड़े स्तर पर युवाओं तक पहुंचाने का है।
सेमीकंडक्टर में 7-8 साल में 5 से 8 नए प्लांट
भारत की रणनीति में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि अगले 7 से 8 वर्षों में देश में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, 13 अगस्त तक देश के 6 राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी थी। इन परियोजनाओं में 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता है।इन परियोजनाओं में सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस पैकेजिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। सरकार के मुताबिक, इनमें से तीन (Developed India Vision) प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो चुका है।
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टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग बनेगी विकास की नई ताकत
पीएम मोदी के विकसित भारत विजन में केवल बड़े आंकड़े ही नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर भी जोर है। AI और सेमीकंडक्टर से लेकर ऊर्जा और कॉरपोरेट विस्तार तक सरकार अलग-अलग क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।इन लक्ष्यों का व्यापक उद्देश्य भारत को सिर्फ बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना नहीं, बल्कि तकनीक, उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा (Developed India Vision) और वैश्विक कारोबार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है।

