Galgotias University Robodog Controversy: रोबोटिक डॉग विवाद में फंसी गलगोटियाज यूनिवर्सिटी, प्रोफेसर नेहा सिंह पर डाला पूरा आरोप
Galgotias University Robodog Controversy: भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में गलगोटियाज यूनिवर्सिटी के स्टाल पर प्रदर्शित रोबोटिक डॉग को लेकर विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि विश्वविद्यालय ने अपनी गलतियों को छुपाने के लिए प्रोफेसर नेहा सिंह को ‘बलि का बकरा’ बना दिया। विवाद तब शुरू हुआ जब प्रोफेसर नेहा सिंह, जिन्होंने यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व किया, ने डी.डी. न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि रोबोटिक डॉग यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ द्वारा विशेष रूप से समिट के लिए बनाया गया था।
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विवाद का कारण
हालांकि सोशल मीडिया पर तुरंत दावा किया गया कि यह रोबोट यूनिवर्सिटी का निर्माण नहीं था, बल्कि चीन की कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का उत्पाद Unitree Go2 था, जो बाजार में पहले से उपलब्ध है। कुछ ही घंटों में इसे ‘अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी’ के रूप में देखा जाने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि यूनिवर्सिटी से 16 फरवरी से 21 फरवरी तक स्टाल खाली करने के लिए कहा गया।
यूनिवर्सिटी की माफी
18 फरवरी को यूनिवर्सिटी ने सार्वजनिक माफी जारी की। इसमें कहा गया कि रोबोट उनकी खोज नहीं थी और संस्थान ने कभी ऐसा दावा नहीं किया। यह भी बताया गया कि स्टाल पर उपस्थित प्रतिनिधि पूरी जानकारी से अनजान थी और बिना अनुमति मीडिया से बात कर गई। यूनिवर्सिटी ने कहा कि प्रतिनिधि के कैमरे पर उत्साहित होने के कारण गलत जानकारी दे दी, जबकि उन्हें प्रेस से बात करने का अधिकार नहीं था। आयोजकों के सम्मान के चलते यूनिवर्सिटी ने स्टाल खाली कर दिया।
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नेहा सिंह पर आरोप, सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाएं
माफी के बावजूद विवाद बढ़ गया। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि यूनिवर्सिटी जिम्मेदारी से भाग रही है और सभी दोष एक महिला प्रोफेसर पर डाल रही है।
एक यूजर ने लिखा, ‘नेहा जी को बलि का बकरा बना दिया गया। अगर उन्हें बोलने की अनुमति नहीं थी, तो उन्हें वहां क्यों भेजा गया?’ कई लोग पूछ रहे हैं कि प्रोफेसर ने मीडिया से स्वयं संपर्क किया या आधिकारिक रूप से वहां भेजी गई थीं।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर प्रतिनिधि ने नियम तोड़ा और मीडिया से बात की, तो वह भी गलत है। मुख्य सवाल यह है कि क्या संस्थान अपनी छवि बचाने के लिए अकेले एक व्यक्ति पर दोष डाल रहा है।
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प्रोफेसर नेहा सिंह की पेशेवर स्थिति
विवाद के बाद नेहा सिंह ने अपना LinkedIn प्रोफाइल ‘Open to Work’ कर दिया, जिससे यह संकेत मिला कि वे नई नौकरी की तलाश में हो सकती हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसे पेशेवर चुनौतियों का संकेत मान रहे हैं, हालांकि यूनिवर्सिटी ने इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी।
विश्वसनीयता पर असर
भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में बाज़ार में उपलब्ध उत्पाद को अपनी खोज बताना संस्थान की विश्वसनीयता के लिए खतरा बन सकता है। यद्यपि यूनिवर्सिटी ने बार-बार कहा कि उन्होंने रोबोट को अपनी खोज नहीं बताया, लेकिन टीवी इंटरव्यू, माफी और स्टाल खाली करने की घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया है।

